जांजगीर-चांपा। (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देवउठनी एकादशी पर बुधवार को गन्ना के मंडप में वैदिक रीति से तुलसी व शालिग्राम का ब्याह रचाया गया। चार माह की निद्रा से भगवान विष्णु के जागने के बाद मांगलिक कार्य शुरू होंगे। देवउठनी पर्व को लेकर कोरोना काल में भी बाजार में दिन भर गहमा-गहमी रही।

सभी एकादशी में श्रेष्ठ देवउठनी एकादशी पर सुबह से ही महिलाएं पूजा की तैयारी में जुट गई थीं। घरों के सामने रंगोली सजाई गई। रात में आटे से चौक बनाकर गन्ना व केले का मंडप तैयार किया गया। इसमें भगवान शालिग्राम व तुलसी को स्थापित कर विधिवत्‌ पूजा-अर्चना की गई। साथ ही तेल व हल्दी लगाकर पंडितों ने साखोचार पढ़ा। वैदिक रीति से पूजा के बाद परिजनों व पड़ोसियों को प्रसाद के रुप में गन्ना, सिंघाड़ा, शकरकंद, केला व मिठाइयां बांटी गई। मान्यता अनुसार इस दिन चार माह की निद्रा के बाद भगवान विष्णु के जागने के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरूआत होती है। पर्व के दो दिन पहले से कचहरी चौक जांजगीर के सामने, चांपा के श्री कृष्ण गौशाला सहित अन्य जगहों में गन्ने का बाजार सज गया था। इस दौरान गन्ना की खूब बिक्री हुई। इसके अलावा राछाभांठा, कटौद और नेगुरडीह से भी व्यापारी बिक्री के लिए गन्ना लेकर पहुंचे है। वहीं एक नग गन्ना 25 से 30 रुपए में बिक रहा है। यहां अंबिकापुर के अलावा स्थानीय गन्ना भी खूब बिका।

यादवों की देवारी शुरू

देवउठनी के साथ यादवों की देवारी शुरू हो गई। शहर में रावत दल तो नहीं दिखे, लेकिन गांवों में रावत नाच प्रारंभ हो गया है। यदुवंशियों ने गाय व बैलों के गले में सुहाई बांधकर किसानों को आशीर्वाद दिया।

श्रद्घालुओं ने रखा उपवास

देवउठनी एकादशी के दिन श्रद्घालुओं ने दिनभर उपवास रखा और रात में तुलसी विवाह किया। प्रबोधनी एकादशी को शालिग्राम, तुलसी एवं शंख की पूजा कर लोगों ने पुण्य पᆬल प्राप्त किया। इसके बाद पᆬलाहार किया।

पटाखों की रही धूम

छोटी दीपावली के रुप में मनाई जाने वाली देवउठनी एकादशी की शाम देवताओं व गन्ने की पूजा-अर्चना के बाद बच्चों ने आतिशबाजी की। छोटे बच्चों ने जहां पᆬूलझड़ी, अनार, लाइट जलाया। वहीं युवाओं ने बम पटाखे पᆬोड़े।

बाजार में रही चहल-पहल

प्रबोधिनी एकादशी पर सुबह से बाजार में गहमा गहमी रही। गन्ना, फल, सिंघाड़ा सहित अन्य खरीददारी के लिए बाजार में भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम तक लोगों ने खरीददारी की। तुलसी विवाह को लेकर जांजगीर के कचहरी चौक व चांपा के श्रीकृष्ण गौशाला व बरपाली चौक के पास गन्ना, फल, सिंघाड़ा, कंदमूल सहित अन्य सामानों की दुकान लगाई गई थी। कंदमूल, सिंघाड़ा, फल सहित अन्य सामानों की खरीदी कर पूजा अर्चना की गई। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों का बाजार भी गुलजार रहा। देर शाम तक लोगों ने खरीददारी की और पूजा अर्चना कर पर्व मनाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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