जांजगीर -चांपा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में दो महिलाएं स्वाइन फ्लू से पीड़ित मिली हैं। उनका उपचार रायगढ़ के मेडिकल कालेज में चल रहा है। इसके पूर्व 21 दिन पहले एक मरीज की बिलासपुर में इलाज के दौरान मृत्यु हो चकी है। जबकि एक मरीज के सेहत में उपचार के बाद सुधार हुआ है। खास बात यह है कि सभी मरीज महिला ही हैं।

स्वाइन फ्लू प्रदेश के साथ ही जिले में भी दस्तक दे चुका है। बम्हनीडीह ब्लाक के ग्राम पोड़ीशंकर की एक 35 वर्षीय महिला को लंबे समय से बुखार और सर्दी खासी की शिकायत थी। इलाज के लिए उसे बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था। उसका सैंपल लेकर भेजा गया तो स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान उसने 23 अगस्त को दम तोड़ दिया। इसी तरह चांपा में भी एक महिला स्वाइन फ्लू से पीड़ित पाई गई थी। उसे इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से स्वस्थ्य होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब वह पूरी तरह ठीक है। करीब सप्ताह भर पहले चंद्रपुर की दो महिला सास बहू ओडिसा से वापस लौटी थी।

वहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। सर्दी खासी और बुखार आने पर उन्हें इलाज के लिए रायगढ़ के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। जहां से उनका ब्लड सैंपल लिया गया तो दोनों सास बहू में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। अभी उनका इलाज वहां चल रहा है। इस तरह जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने से सतर्कता जरूरी हो गया है। सामान्य सर्दी खांसी, कोरोना और स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलते जुलते होने के कारण लोगों को इसका पता नहीं चल पाता है। लोग सर्दी जुकाम समझकर इसका उपचार नहीं कराते हैं।

भीड़भाड़ से बचें, मास्क का करें उपयोग

स्वाइन फ्लू संक्रमण से बचाव का सबसे बेहतर उपाय शारीरिक दूरी ही है। भीड़ - भाड़ से परहेज करें। सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाएं। हाथों को साबुन पानी अथवा सेनिटाइजर से धोते रहें। सर्दी - जुकाम की स्थिति में डाक्टर से संपर्क कर संक्रमण की संभावना को टाला जा सकता है। कोरोना खत्म होने के बाद लोग शारीरिक दूरी और मास्क को पूरी तरह भूल चुके हैं।

क्या है स्वाइन फ्लू

सीएमएचओ डा. आरके सिंह ने बताया कि स्वाईन फ्लू एन्फ्लुएन्जा एच वन एन वन श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला संक्रामक रोग है। इंफ्लूएंजा भी सामान्य इंफ्लूएंजा यानी सर्दी जुकाम जैसे लक्षणों वाला ही होता है। अंतर यह है कि सामान्य सर्दी जुकाम अधिकतम तीन दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन स्वाइन फ्लू में यह कई दिनों तक चलता है। इससे श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचता है। छोटे बधाों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिल, किडनी, फेफड़े, रक्तचाप, कैंसर आदि की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह फ्लू घातक हो सकता है।

यह लक्षण दिखें तो न करें नजर अंदाज

सिविल सर्जन डाक्टर जगत का कहना है कि स्वाइन फ्लू एक इंफ्लुएंजा वायरस की वजह से होता है जो सूअरों में पाया जाता है। तीन दिनों से अधिक समय तक 101 डिग्री से अधिक बुखार रह रहा हो, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, नाक से पानी आ रहा हो या फिर नाक पूरी तरह बंद हो गई हो, थकान, भूख में कमी और उल्टी जैसे लक्षण स्वाइन फ्लू हो सकते हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

स्वाइन फ्लू एन्फ्लुएन्जा (एचवनएनवन) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए आम जनता से इससे बचाव एवं सुरक्षा के लिए उपाय अपनाते हुए आवश्यकतानुसार जांच कराने की अपील की है। स्वाईन फ्लू एन्फ्लुएन्जा एच वन एन वन श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला संक्रामक रोग है। सीएमएचओ डा. आरके सिंह ने बताया कि स्वाईन फ्लू एन्फ्लुएन्जा एच वन एन वन के लक्षण के अंतर्गत बुखार के साथ खासी, सिरदर्द, बदन दर्द, नाक बहना, गले में खरास इसके प्रमुख लक्षण है तथा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी इससे ग्रसित हो सकते है।

स्वाइन फ्लू से बचने करें ये उपाय

स्वाईन फ्लू एन्फ्लुएन्जा एचवनएनवन से बचाव और सुरक्षा के लिए छीकते एवं खांसते समय मुंह को रूमाल या कपड़े से अवश्य ढके, नियमित रूप से दिन में कई बार हाथों को साबुन या साफ पानी से धोएं। बुखार, खांसी, जुकाम, छींक, गले में खरास, आखो में लाली, सांस लेने में कठिनाई के लक्षण वाले व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखें, भीड़ वाली सार्वजनिक स्थलों पर जाने से बचें, बधाों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक की सलाह पर ही स्कूल भेंजे। घर में कमरे की खिड़की खुली रखें ताकि बाहर की स्वच्छ हवा आए, निष्प्रयोजन सामग्री का उचित निस्तारण करें। बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुहं एवं नाक को न छुएं, यदि आपको फ्लू के लक्षण लगें तो घर पर ही रहें। स्कूल, कार्यालय अथवा भीड़ वाले स्थानों पर न जाएं, पर्याप्त नींद ले, पौष्टिक भोजन का सेवन करे और शरीर को क्रियाशील रखें।

तीन दिन में बुखार ठीक न हो तो कराएं जांच

स्वाइन फ्लू एन्फ्लुएन्जा एचवनएनवन से ग्रसित होने पर सामान्य उपचार से तीन दिन में लाभ न हो तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला चिकित्सालय में सैम्पल संग्रहित कराये एवं मेडिकल कालेज में निश्शुल्क स्वास्थ्य जांच कराएं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू का लक्षण पाये जाने पर बचाव के उपाय एवं सुरक्षा अपनाते हुए आवश्यकतानसार स्वास्थ्य केन्द्रों में सैंपल संग्रहण कराते हुए आवश्यकतानुसार जांच कराने का आग्रह किया है।

कोरोना के 11 मरीज एक्टिव

कोरोना का संक्रमण भले ही कम हो गया है मगर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। कोरोना के मरीज अभी भी मिल रहे हैं। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 11 है। जिनका उपचार होम आइसोलेशन में हो रहा है। कोरोना संक्रमण में कमी आने के बाद लोग गाइडलाइन को पूरी तरह भूल चुके हैं। न तो लोग मास्क का उपयोग कर रहे हैं और न ही शारीरिक दूरी का पालन कर रहे हैं।

'' जिले में एक माह के भीतर स्वाइन फ्लू से पीड़ित चार मरीज मिले हैं। जिसमें से एक महिला की इलाज के दौरान बिलासपुर में मौत हुई है। एक सप्ताह पहले दो और मरीज मिले हैं जिनका इलाज अभी रायगढ़ के मेडिकल कालेज में चल रहा है। अभी और उनका कांटेक्ट टे्रसिंग किया जाएगा। जिले में कोरोना के भी 11 मरीज एक्टिव हैं।

डा. आर के सिंह

सीएएचओ

Posted By: Yogeshwar Sharma

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