जांजगीर-चांपा। कोविड संक्रमण की तीसरी लहर के पहले जिले की जनता में वायरस के संक्रमण से बचने, बतौर पूर्व सावधानी अच्छी जागरूकता देखी जा रही थी । लेकिन जिले में एक बार पिᆬर वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी पीएचसी सहित 188 केंद्रों में दो दिनों से टीकाकरण बंद है। जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार पर लगभग पूरी तरह से ब्रेक लग चुका है। जिले में कब तक वैक्सीन उपलब्ध होगा इसकी स्पष्ट जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। गुरूवार को जिला अस्पताल में भी टीकाकरण नहीं हुआ जिसकी वजह से यहां टीका लगवाने पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा।

जिले में कोविड वैक्सीनेशन कराने आम लोगों को सतत रूप से जागरूक करने पखवाड़े भर पहले तक जिला प्रशासन के आला अधिकारी से लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि गांव - गांव की खाक छान रहे थे। विभागीय अमलों द्वारा लोगों के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए सही जानकारी दी जा रही थी। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। शिक्षा विभाग, पंचायत, नगरीय निकाय, राजस्व, महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमला द्वारा घर-घर संपर्क कर टीका लगवाने के लिए हितग्राहियों को लगातार प्रेरित कर रहे थे। इस कार्य में जनप्रतिनिधि भी आगे आकर सहयोग कर रहे थे। जनजागरुकता के कारण जिले में 17 लाख 82 हजार 500 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मगर अब तक अब तक 45 वर्ष से अधिक आयु के 2 लाख 63 हजार हितग्रहियों ने कोविड सुरक्षा टीका की पहली खुराक और 81 हजार 193 हितग्राहियों ने दूसरी खुराक का टीका लगवाया। इसी प्रकार 18 से 44 आयु वर्ग के 1 लाख 47 हजार 832 हितग्राहियों ने पहली खुराक और 5 हजार 851 हितग्राहियों ने दूसरी खुराक का टीका लगवा लिया है। स्वास्थ कार्यकर्ता, फ्रंट लाइन वर्कर ने भी टीकाकरण करवाया है। जिले में वैक्सीन ही नहीं होने के कारण पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सीएचसी , पीएचसी सहित 188 केंद्रों में टीकाकरण कार्य बंद है। उपस्वास्थ्य केंद्रों में पिछले चार दिनों से टीकाकरण बंद है। ऐसे में टीकाकरण के लिए कलेक्टर से लेकर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के द्वारा गांव - गांव जाकर लोगों को जागरूक करना और टीका लगवाने के लिए प्रेरित करना अब कारगर साबित नहीं हो रहा है। क्योंकि टीकाकरण के लिए केंद्रों में पहुंच रहे लोगों को भटकना पड़ रहा है। क्योंकि केंद्रों में ताला लटक रहा है। लोग प्रशासन को कोसते हुए बैरंग लौट रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पर्याप्त वैक्सीन ही नहीं है तो टीकाकरण के लिए प्रेरित कयों किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि वैक्सीन कब तक आएगी और टीकाकरण का कार्य कब से शुरू होगा। ऐसे में लोग वैक्सीन सेंटर का चक्कर काटने मजबूर हैं।

17 लाख के लक्ष्य में साढ़े 3 लाख हितग्राही को लगा है पहला डोज

जिले में कोविड वैक्सीनेशन कराने आम लोगों को सतत रूप से जागरूक किया जा रहा है। जितनी अधिक आबादी का टीकाकरण होगा, कोरोना वायरस से उतनी अधिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। जिले में अब तक 3 लाख 50 हजार से अधिक हितग्राहियों द्वारा कोविड का पहला टीका लगवाया जा चुका है। कोविड-19, की रोकथाम एवं लोगों को इसके संक्रमण से बचाव के लिए जिले में 188 वैक्सिनेशन सेंटर्स में टीकाकरण किया जा रहा था। निर्धारित अंतराल पूरी होने पर हितग्राही स्वप्रेरणा से टीके की दूसरी खुराक लगवाने पहुंच रहे थे । मगर अब जिले में वैक्सीन ही नहीं होने के कारण टीकाकरण के कार्य पर पूरी तरह से विराम लग गया है। जिला अस्पताल को छोड़कर कहीं भी टीकाकरण नहीं हो रहा है।

'' राज्य स्तर पर वैक्सीन की कमी है। राजधानी में वैक्सीन आने के बाद ही जिले को मिल पाएगी। कब तक वैक्सीन आ पाएगी इस विषय में कुछ नहीं कह सकते , वैक्सीन आने पर ही सभी केंद्रों में पिᆬर से टीकाकरण शुरू किया जाएगा।

डा. पुष्पेन्द्र लहरे

जिला टीकाकरण अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags