जशपुरनगर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्व आदिवासी दिवस के दिन भाजपा के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष के पद से आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को हटाए जाने का भाजपा के राष्ट्रीय आलाकमान के निर्णय को लेकर कांग्रेस भले ही विष्णुदेव साय के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए निर्णय को आदिवासी विरोधी बता रही है। लेकिन स्वयं विष्णुदेव साय कांग्रेस को आदिवासी विरोधी बताकर आलाकमान का बचाव कर रहे हैं। अपने गृह ग्राम बगिया में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के पद से हटने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वतंत्रता के 75 साल में 50 से अधिक साल तक कांग्रेस ने देश मे शासन किया। लेकिन उसने कभी भी आदिवासियों के विकास की चिंता नहीं की। कांग्रेस का एक सूत्री काम आदिवासियों का वोट बैंक बनाए रखना था। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के विकास का आधार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने केंद्र में आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय की नींव रख कर की थी। उन्होंने कहा कि आज इस मंत्रालय का बजट देश के कई छोटे राज्यो के बराबर है। इस बजट का उपयोग आदिवासी क्षेत्रों के विकास में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की पहल पर ही स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर आदिवासी समाज की महिला आसीन हुई है। इससे पूरे भारत का जनजातीय समाज अभिभूत है। उन्होंने कहा कि अब वे जशपुर जिले के विकास और समस्या के निराकरण के लिए अधिक समय देंगे। विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए साय ने कहा कि पार्टी की इच्छा ही उनकी इच्छा है। एक अनुशासित कार्यकर्ता होने के नाते जो पार्टी कहेगी वो उसे ही मानेगें।

नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष का रायपुर में करेंगे स्वागत

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय मंगलवार की देर रात जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लाक में स्थित गृह ग्राम बगिया लौटे हैं। यहां वे अपने स्वजनों और समर्थकों के साथ गुरुवार तक रहेंगे। शुक्रवार की सुबह वे जशपुर से रवाना हो कर रायपुर पहुंचेंगे और दिल्ली से लौट रहे नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव की आगवानी करेंगे।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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