जशपुरनगर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जर्जर भवन और पानी में डूबी हुई फर्श। एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे इस सरकारी स्कूल की बदहाली का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह पूर्व माध्यमिक शाला एक अतिरिक्त कक्ष के भरोसे संचालित किया जा रहा है।

मामला जिले के बगीचा ब्लाक के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कलिया की है। जिले में जर्जर स्कूल भवन को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बन रही है। मामला सामने आने पर जिला प्रशासन की ओर से दावा किया जाता है कि उक्त भवन की मरम्मत कार्य स्वीकृत कर दिया गया है। लेकिन मामला शांत होने से पहले दूसरा मामला सामने आ जाता है। स्कूल के शिक्षक अमृत खलखो ने बताया कि चालू सत्र में इस स्कूल की दर्ज संख्या 111 है। उन्होनें बताया कि स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। भवन की छत और दीवारों से प्लास्टर निकल कर गिर रहें हैं। छत में लगे हुए लोहे के सरिए भी अब जंग खाकर जवाब देने लगे हैं। सबसे बुरी स्थिति बारिश के दिनों में हो जाती है। जब भवन की छत और दीवारों से वर्षा का पानी रिस कर अंदर भर जाता है। इस समय स्कूल की स्थिति इतनी बुरी हो जाती है कि छात्र बैठना तो दूर सही तरीके से खड़े भी नहीं हो पाते हैं। छात्रों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार वर्षा से स्कूल के सारे कमरों के साथ बरामदा भी पानी से भर गया है। इसलिए अतिरिक्त कक्ष में किसी तरह बच्चों को बैठाकर स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इस भवन में ब्लैक बोर्ड तक की सुविधा नहीं है। इससे अध्यापन कार्य में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। भवन के साथ ही इस सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी भी बनी हुई है। शिक्षक अमृत खलखो ने बताया कि कक्षा 6 वीं से 8 वीं तक के लिए सिर्फ एक शिक्षक की पोस्टिंग की गई है। उन्होनें बताया कि विभागिय बैठक या निजी कारण से छुट्टी लेने पर स्कूल पूरी तरह से भगवान भरोसे हो जाता है।

जिले में 525 जर्जर स्कूल भवन

जिले में जर्जर स्कूल भवनों की संख्या 500 से भी अधिक है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम द्वारा 25 मई को ली गई समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किए गए रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 525 जर्जर स्कूल भवन है। इनमें जशपुर में 55,मनोरा में 30,बगीचा में 35,दुलदुला में 68,कुनकुरी में 55,कांसाबेल में 71,फरसाबहार में 151 और पत्थलगांव में 60 भवन शामिल हैं। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन सभी जर्जर भवनों की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कर संचालक को भेजा गया है। स्वीकृति होने पर मरम्मत कराया जाएगा।

वर्जन

कलिया के जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत के लिए 3 लाख 90 हजार रूपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलने पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।

आरएल कोशले,बीईओ,बगीचा।

--

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close