जशपुरनगर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में बाक्साइट उत्खनन को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने सामने आ गए हैं। एक ओर जहां प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रही भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर आक्रमण किया है। वहीं कांग्रेस ने इस मामले में राजनीति की जगह जशपुर के प्राकृतिक सौंदर्य को बचाने पर जोर दिया है। एक दिन पहले जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती गोमती साय ने सीधे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे हुए कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से पिछले पौने 4 साल में दो बार जिले में विनाशकारी उद्योग स्थापित करने के लिए जनसुनवाई की सूचना जारी की गई है। जबकि भाजपा के 15 साल के शासन काल में कभी ऐसी अप्रिय स्थिति नहीं बनने दी। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिलासपुर संभाग के संगठन प्रभारी कृष्ण कुमार राय ने विधायक विनय भगत को निशाने में लेते हुए कहा कि विधायक को जशपुर को बचाने के लिए जनता के साथ आगे आना चाहिए। ठीक उसी तरह जिस प्रकार हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला उत्खनन के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने स्थानीय लोगों का साथ दिया। अगर प्रदेश सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो उन्हें त्यागपत्र देकर जनता के संघर्ष में शामिल होना चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि जिले के बगीचा ब्लाक के पकरीडीपा गांव के 149 हेक्टेयर में बाक्साइट उत्खनन शुरू करने के लिए छत्तीसगढ़ मिनरल्स कार्पोरेशन ने 22 सितंबर को जनसुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के सामने आते ही जिले के राजनीति में भूचाल आ गया है।

केंद्र और राज्य सरकार के बीच फंसा पेंच

उत्खनन के लिए छत्तीसगढ़ मिनरल्स कार्पोरेशन द्वारा जारी नोटिस को लेकर भी कांग्रेस और भाजपा के बीच तीर चल रहें हैं। सांसद श्रीमती गोमती साय का कहना है कि खनिज पर केंद्र सरकार का प्राथमिक अधिकार होता है। लेकिन इसके उत्खनन के लिए जब तक प्रदेश सरकार सहमति नहीं देती उत्खनन नहीं किया जा सकता। वहीं दूसरी ओर संसदीय सचिव यूडी मिंज का कहना है कि बाक्साइट उत्खनन के लिए वर्ष 2006 में केंद्र सरकार जलवायु परिवर्तन विभाग ने बाक्साइट उत्खनन के लिए अधिसूचना जारी किया है। इस अधिसूचना पर ही प्रदेश सरकार की मिनरल्स कार्पोरेशन कार्रवाई कर रही है।

पंचायत करेगी अंतिम फैसला

वहीं इस पूरे मामले में पूर्व केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि मामला बाक्साइट उत्खनन का हो या उद्योग स्थापित करने का। इसका अंतिम फैसला ग्राम पंचायत करेगी। नईदुनिया द्वारा खनिज संसाधन के उपयोग को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होनें कहा कि जशपुर जिला अधिसूचित क्षेत्र है। यहां पेसा एक्ट भी प्रभावशील है। इसलिए,बिना ग्राम पंचायत की स्वीकृति के ना तो किसी प्रकार का उत्खनन कार्य किया जा सकता है और ना ही कोई उद्योग की स्थापना।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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