जशपुरनगर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आवश्यक हो तो ही दिन में एक या अधिकतम दो बार मोबाइल पर नोटिफिकेशन, जानकारियां देख लें, परंतु दिन भर उसमें लगे न रहें। यह सोचना कि मोबाइल पर मिलने वाली हर जानकारी आप तक सबसे पहले पहुंचे ठीक नहीं है। मोबाइल का उपयोग कुछ दिनों के लिए बंद करके देखिए, आपको समझ आ जाएगा कि मोबाइल पर मिलने वाली जानकारियां आप तक नहीं पहुंचने के बावजूद दुनिया पहले की तरह ही चल रही है।

उक्त बातें डोड़काचौरा में शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में जिला पंचायत सीईओ जितेन्द्र कुमार यादव ने कैरियर गाइडेंस मार्गदर्शन सत्र को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। इस सत्र में माडल स्कूल के साथ शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय जशपुरनगर के कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के सभी विद्यार्थियों के साथ ही प्राचार्य सुश्री कमला केरकेट्टा और दोनों विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए। विद्यार्थियों को विभिन्ना कैरियर विकल्पों की जानकारी देते हुए सीईओ यादव ने कहा कि सभी बच्चों के अंदर समान क्षमता होती है, ना किसी में कम और न किसी में ज्यादा। टोक्यो ओलंपिक में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि जो बच्चे अपने लक्ष्‌य की प्राप्ति के लिए डिवोशन, डिसिप्लीन और डेडीकेशन के साथ तैयारी करते हैं, उनकी प्रतिभा निखर कर सामने आती है और वो अपने जीवन में सफल होते हैं। घरों में परिवार के साथ रहकर तैयारी करने की तुलना में छात्रावास का वातावरण एक बेहतर विकल्प है, जो भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है। इसलिए आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए आगे बढ़िए। उन्होनें विद्यार्थियों को उदाहरण देकर यह भी समझाया कि समय प्रबंधन कैसे करें और अध्ययन के लिए विषयों के चयन का प्रतिदिन क्रम किस तरह बनाना चाहिए। कुछ छात्र उन्हें कठिन लगने वाले विषयों के अध्ययन का क्रम सबसे अंत में रखते हैं। यह देखा गया है कि ऐसे छात्रों के अंदर यह प्रवृत्ति बन जाती है कि वो अपने जीवन की कठिन समस्याओं को अपनी प्राथमिकता के सबसे अंत में रखते हैं। इसलिए कठिन विषयों से बिलकुल भी डरना नहीं चाहिए, जो विषय आपके लिए कठिन हों, वो दूसरों के लिए सरल हो सकते हैं। सीईओ ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि पढ़ाई के दौरान उनके पास बटन वाला मोबाइल था और वो आज भी कई सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से दूर हैं। श्री यादव ने अध्ययन के दौरान एकाग्रता बनाए रखने के कई विकल्प बच्चों को बताते हुए विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और मेडिटेशन सत्र आयोजित करने के लाभ भी बताए।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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