जशपुरनगर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और निश्शुल्क प्रशिक्षण देकर मोटे वेतन के साथ नौकरी का सपना दिखाकर जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों को प्लेसमेंट एजेंसी ने रायपुर और भिलाई भेज दिया। यहां इस एजेंसी ने इन लोगों को घरेलू काम में लगा दिया। स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर जब पीड़ितों ने घर वापस आने का प्रयास किया तो उनसे मोबाइल और आधार कार्ड छीन लिए। कठिन परिस्थितियों में फंसे युवक-युवतियां किसी तरह वापस घर लौट पाएं। इन पीड़ितों ने अब न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पीड़िता दिव्या विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें रायपुर में संचालित एक नर्सिंग प्रशिक्षण संस्था का पर्चा दिखाया और उन्हें कौशल विकास योजना के तहत निश्शुल्क नर्सिंग प्रशिक्षण और ट्रेनिंग के बाद जशपुर में ही नौकरी दिलाने भरोसा दिया। नर्सिंग के साथ ही सिक्योरिटी गार्ड बनाने के नाम पर जिले के सौ से अधिक बेरोजगार युवकों को भी शातिरों ने अपने जाल में फंसाया हैं। चांदनी यादव और मोनिका बाई ने दिए ज्ञापन में बताया है कि नर्सिंग प्रशिक्षण के नाम पर उन्हें जशपुर से ले जाकर भिलाई में अलग अलग घरों में रूकवाया गया था। यहां उन्हें प्रशिक्षण की जगह घरों की सफाई का काम कराया जाता था। उन्होनें जब वापस जाने की तैयारी की तो प्लसेमेंट एजेंसी की एक महिला कर्मचारी ने उन पर बिना प्रशिक्षण किए वापस न जाने का दबाव बनाया और वापस जाने की स्थिति में 1500 रूपए जुर्माना भरने को कहा। किसी तरह इस राशि को जमा कर युवतियां अपने घर लौटी और आपबीती अपने स्वजनों को सुनाई। अपने साथ हुई इस घटना से पीड़ित युवतियां अब तक बुरी तरह से डरी हुई है। उन्होनें संदेह व्यक्त किया है कि नर्सिंग प्रशिक्षण की आड़ में उन्हें मानव तस्करी का शिकार बनाएं जाने का षड़यंत्र रचा गया था। कलेक्टर और एसपी से शिकायत के दौरान पीड़ितों ने संबंधित प्रशिक्षण संस्थाओं की पूरी जांच कराए जाने और दोषी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि जिले के दूसरे बेरोजगारों को इस तरह की ठगी से बचाया जा सके और मानव तस्कर अपना जाल न फैला पाएं।

--------------

Posted By:

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close