कुनकुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भाजपाई अगर असूचीबद्ध को लागू कराना चाहते हैं तो उन्हें इस मामले को प्रधानमंत्री से चर्चा कर संविधान में संशोधन करना चाहिए। उक्त बातें कुनकुरी में आयोजित पत्रकारवार्ता में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कही। वे असूचीबद्ध के विषय पर खुल कर अपने विचार रखे। उन्होंने इस पूरे मामले को भाजपा के सहयोगी संगठन का मामला बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे शांत प्रदेश को अशांत करने का प्रयास सही नहीं है। असूचीबद्ध लागू होने से ईसाई समुदाय के साथ साथ दूसरे धर्मों का पालन कर रहे आदिवासियों को भी नुकसान होगा क्योंकि संविधान में आदिवासियों के किसी धर्म का उल्लेख नहीं है। अग्निपथ योजना को सिरे से नकारते हुए उन्होंने कहा कि यह देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से ख़िलावड करने की योजना है। उन्होंने कहा कि 6 साल की सेवा समाप्त करने के बाद जब युवा रिटायर होगा तो उसके पास न रेंक रहेगें और न पेंशन। एक ओर जहां सेना के अधिकारी के पास रेंक और पेंशन। ऐसे युवाओं के शादी कार्ड में भूतपूर्व सैनिक लिखा नजर आएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अग्निपथ योजना को देख कर लगता है केंद्र सरकार के पास पैसे की कमी है। इसलिए केंद्रीय सेवाओ में 26 लाख से ़अधिक पद रिक्त होने के बावजूद इसे भरे नहीं जा रहे हैं। कार्पोरेट कल्चर को आगे कर केंद्र सरकार आरक्षण की व्यवस्था को खत्म कर रही है। सीएम ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों का शत प्रतिशत नौकरी देने की बात कही है। सीएम ने कहा कि बिना आरक्षण की व्यवस्था को प्रभावित किए,ऐसा करना संभव नहीं क्योंकि अभी भूतपूर्व सैनिकों के लिए सिर्फ 2 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। जीएसटी मामले की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी सेस की अवधि तो केन्द्र सरकार ने बढ़ा दी है लेकिन इस वसूले गए सेस का वितरण प्रभावित राज्यों तक पहुंचे,इसके लिए सभी राज्यों को मिल कर प्रयास करना होगा। इसकों लेकर वे केन्द्र सरकार के साथ सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों से पत्राचार कर रहें हैं।

नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र सिमटा

दिल्ली में ईडी मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान छत्तीसगढ़ को नक्सल प्रभावित बताएं जाने के मामले में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा बीते साढ़े 3 साल में छत्तीसगढ़ में बस्तर के कुछ जिले में सिमट कर रह गया है। भाजपा के शासन काल में यह 14 जिलों में फैला हुआ था। भाजपा के शासन काल में छत्तीसगढ़ को सिर्फ खनिज के खदान और नक्सलियों के लिए जाना जाता था। अब यह पहचान बदल रही है। उन्होंने कहा कि अब नक्सली पुलिस और सुरक्षा बलों के कैंप पर नहीं,पुलिस सधी हुई रणनीति के साथ नक्सलियों के कैंप पर हमला कर रही है। यह बस्तर में आ रहे बड़े बदलाव का संकेत है।

विपक्ष को नहीं देख सकती भाजपा

महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संकट पर पूछ गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विपक्ष को नहीं देखना चाहती है। यही कारण है कि केन्द्रीय जांच एजेंसियों का दुरूपयोग कर विपक्ष के नेताओं को डराया जा रहा है। उन्होनें कहा कि यही कारण है बीते 8 साल में केन्द्रीय जांच एजेंसी में भाजपा के एक भी नेता के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ है।

राहुल के रेस्क्यू में सबकी भूमिका सराहनीय

जांजगीर जिले में बोरवेल गड्ढे में गिरे राहुल साहू के सफल रेस्क्यू और उसके स्वस्थ्य होकर घर वापस लौटने पर संतोष व्यक्त करते मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में रेस्क्यू अभियान से जुड़े एनडीआरफ,एसडीआरएफ,प्रशासनिक अमला सभी की भूमिका सराहनीय रही है। सभी के संयुक्त प्रयास से मासूम राहुल के जीवन को सुरक्षित किया जा सका।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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