जशपुरनगर। सड़क में खड़े हुए हाथियों के दल की चपेट में आए दो बाइक सवारों की जान बाल बाल बच गई। इस घटना के बाद से हाथियों की हलचल की सूचना देने में वनविभाग की विफलता पर भी सवाल उठाया जा रहा है। मामला जिले के घोर हाथी प्रभावित तपकरा वन परिक्षेत्र की है।

ग्राम बाबूसाजबहार निवासी अरविंद एक्का बुधवार को पारिवारिक काम के सिलसिले में ओडिशा गए हुए थे। काम निबटाकर वे अपने एक साथी के साथ शाम को वापस बाबूसाजबहार लौट रहे थे। शाम लगभग 5 बजे सागजोर पंचायत के ग्राम पेरवांआरा के लिंगा जंगल से गुजरने के दौरान जैसे ही उनकी बाइक ने एक अंधे मोड को पार किया सामने सड़क को घेरकर हाथियों के झुंड का खड़ा देखकर बाइक चला रहे अरविंद हड़बड़ा गए। बाइक रोकते-रोकते हाथियों के एकदम समीप चला गया। जान बचाने के लिए अरविंद और उनके साथी ने बाइक को सड़क में ही छोड़कर सड़क की दूसरी ओर दौड़ लगा दी। इस बीच एक विशालकाय दंतैल ने सड़क में गिरी हुई बाइक को पैरों से कुचलना शुरू कर दिया। कुचलने के बाद हाथी ने बाइक को उठाकर जंगल की ओर उछाल दिया। हाथियों से जान बचाने के लिए दोनों बाइक सवार देर तक जंगल में छिपे रहे। दल के घने जंगल की ओर जाने के बाद वे निकल कर पैदल अपने गांव पहुंचें और घटना की जानकारी स्वजनों को दी। वनविभाग के अनुसार लिंगा जंगल में इस समय 19 हाथी डेरा जमाए हुए हैं। लिंगा घना जंगल है और यह हाथियों का पसंदीदा रहवास बन चुका है। ओडिशा की सीमा पर स्थित इस जंगल में लगभग साल भर हाथी रहते हैं।

इसलिए बच गई अरविंद की जान

जानकारों के अनुसार हाथियों के समीप जा पहुंचें अरविंद और उसके साथी की जान बचाने में बाइक की अहम भूमिका रही। बताया जा रहा है कि अरविंद के भागने के बाद हाथियों का ध्यान बाइक की ओर आकर्षित हो गया। इसलिए हाथियों ने अरविंद और उसके साथी का पीछा नहीं किया। अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। लगभग दो माह पहले दुलदुला रेंज में इसी तरह की एक घटना में फुटबाल खेलकर घर लौट रहे दो बाइक सवार सड़क में खड़े हाथी के चपेट में आ गए थे। हाथी ने बाइक चालक को सूढ से धक्का देकर नीचे गिराकर कुचलकर मार डाला था।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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