जशपुरनगर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दुलदुला वनपरिक्षेत्र में हुए हाथी की मौत की वजह को लेकर वन विभाग अब भी संशय में है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने अपने संक्षिप्त रिपोर्ट में मृत हाथी के शरीर में गहरी चोट को अतिकाय के मौत की वजह बताई है। लेकिन मौत का कारण अब भी स्पष्ट नहीं हो सका है। विभाग के अधिकारी दल में हुई आपसी संघर्ष के दौरान आई चोट के साथ हाथी के फिसल कर गिर जाने से आई चोट से इस घटना की आशंका जता रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दुलदुला वन परिक्षेत्र के अंबाटोली पंचायत की आश्रित चामर बस्ती के जंगल में एक हाथी का शव वन विभाग ने बरामद किया था। डीएफओ एसके जाधव ने बताया कि मृत हाथी का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों की एक टीम द्वारा की गई है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हई है। हाथी के शरीर में गहरे घाव मिले हैं। इस घाव की प्रकृति को देखते हुए इस बात की संभावना कम है कि यह किसी मानव द्वारा पहुंचाया गया हो। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के आसपास के रहवासी ग्रामीणों ने हादसे से पहले एक दो दिन पूर्व जंगल में हाथियों के चिंघाड़ने की आवाजें आ रही थी। यह चिंघाड़ सामान्य नहीं थी। इस आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हो सकता है हाथियों के दल में कोई बड़ा संघर्ष हुआ हो। साथ ही हाथी का शव एक बड़े चट्टान में पाया गया है। इस वजह से यह भी संभव है चट्टान में चढ़ते या उतरते हुए हाथी फिसलकर गिर गया हो और उसे गंभीर चोट आई हो। हालांकि हाथी चढ़ाई को चढ़ने में माहिर होते हैं,लेकिन ढलान में उतरने के दौरान उसे विशाल शरीर को संतुलित बनाएं रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। बहरहाल प्रदेश के कोरबा,सरगुजा,रायगढ़ के साथ जशपर जिले में हो रही हाथियों की मौत से इनकी सुरक्षा को लेकर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। जशपुर में इस साल हाथियों के मौत की यह तीसरी घटना है। इससे पहले अप्रैल माह में तपकरा वनपरिक्षेत्र के ग्राम झिलीबेरना में करंट की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत हो गई थी। ग्रामीण ने हाथी के हमले से अपने और परिवार की सुरक्षा के लिए घर की बाड़ी में लगे हुए लोहे की जाली में करंट प्रवाहित कर दिया था। इसी के संपर्क में हाथी आ गया था। इस मामले में वनविभाग ने आरोपित ग्रामीण के खिलाफ वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम और विद्युत विभाग ने विद्ययुत अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया था। वहीं मार्च माह में कुनकुरी परिक्षेत्र के ग्राम बालालोंगरी में एक गर्भवती हथिनी की मौत हुई थी। प्रारंभिक तौर पर इस हथिनी की मौत जहर से होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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