जशपुरनगर(नईदुनिया न्यूज)। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर की अगुवाई में गुरुवार को जशपुरनगर में तंबाकू के दुष्परिणामों के प्रति जनजागरूकता के लिए रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में शामिल स्कूली बच्चे, नर्सिग की छात्राओं एवं गणमान्य लोगों ने लोगों से तंबाकू के उत्पादों का सेवन न करने का संदेश दिया। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने इस मौके पर नागरिकों से धुम्रपान मुक्त जशपुर नगर की गौरवपूर्ण उपलब्धि को बनाए रखने तथा अन्य नगरों एवं गांवों को भी धुम्रपान मुक्त बनाने के लिए सहयोग की अपील की। रैली का शुभारंभ सुबह 9.30 बजे नगर के जयस्तंभ चौक से हुआ। कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना करने के साथ उसकी अगुवाई भी की। रैली जय स्तंभ चौक से, बालाजी मंदिर, महाराजा चौक, बस स्टैंड, पुरानी टोली होते हुए जिला चिकित्सालय पहुंचकर समाप्त हुई। इस अवसर पर तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी डॉ.खसरो, डॉ. अनुरंजन टोप्पो, डीपीएम श्री गनपत नायक, डॉ. अबरार खान, सहायक आयुक्त एसके वाहने सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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जिला चिकित्सालय में कैंसर जांच शिविर 23 को

जशपुरनगर(नईदुनिया न्यूज)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत 23 फरवरी को प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक जिला चिकित्सालय जशपुर में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में मुबई से आए कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.दिनेश पेण्डारकर एवं जिला चिकित्सालय जशपुर के डे-केयर किमोथेरेपी प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत आपट व प्रशिक्षित स्टॉप नर्स सुश्री बसंती लकड़ा एवं अनिमा एक्का अपनी सेवाएं देंगे। यह जानकारी सीएचएमओ डॉ. रंजीत टोप्पो ने दी।

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बच्चों की आदतों पर निगरानी की अपील

0.एडीजे श्री कुरैशी ने किया बाल संप्रेषण गृह किशोर न्यायबोर्ड का मुआयना

जशपुरनगर(नईदुनिया न्यूज)। जिला न्यायालय जशपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) अब्दुल जाहिद कुरैशी ने बाल संपे्रषण गृह किशोर न्यायबोर्ड का मुआयना कर वहां बच्चों के आवास, भोजन एवं रखरखाव की व्यवस्था का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने वहां मौजूद बच्चों व उनके पालकों को बच्चों के कानून के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। श्री कुरैशी ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल एवं इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग लोग करने लगे हैं। इंटरनेट व मोबाइल फोन के दुरूपयोग से बच्चों में मानसिक विकृतियां पैदा हो रही है। उन्होंने इस मौके पर मोबाइल फोन तथा इंटरनेट की सहज उपलब्धता तथा इसके दुरूपयोग से बच्चों की मानसिकता पर पड़ने वाले प्रभाव की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होनें कहा कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाईस के एक ओर जहां कई फायदे हैं। वहीं इसके दुरूपयोग से नुकसान भी होता है। किशोर उम्र के बच्चे शराब, अफीम, गांजा का भी सेवन करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे बुरे की समझ नहीं होती है। इसके बारे में बताना पालकों का दायित्व होता है। पालकों की उदासीनता की वजह से ही लोग बच्चों में गलत आदतें पैदा करते हैं और अपराधिक प्रवृत्ति के लोग उन्हें गलत रास्ते पर ले जाते हैं। उन्होंने लोगों से वर्तमान समय में बच्चों की स्थिति पर चिंतन मनन करने तथा उन्हें योग्य नागरिक बनाने के लिए जागरूक होने की अपील की। -------------

Posted By: Nai Dunia News Network