जशपुरनगर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लोकतंत्र में कानून वापस नहीं लिया जाता है। इसमें सुधार किया जा सकता है। आपको जो भी शंकाएं हैं केंद्र सरकार उसे दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंधु बार्डर में आंदोलन कर रहे किसानों को आम लोगों को हो रही परेशानी के संबंध में सोचने की आवश्यकता है। उक्त बातें केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहीं। वे गुरूवार को एक दिवसीय प्रवास में जशपुर पहुंचे थे। शहर पहुंचने पर रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। शहर के आंबेडकर चौक पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होनें कहा कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जनजातीय बाहुल्य जिला है। इसके विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कार्यक्रम स्थल पर उन्होनें पहाड़ी कोरवा परिवारों से मुलाकात कर उनके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।साथ ही उन्हें साल सहित आवश्यक सामान भी भेंट किया। कार्यक्रम में उन्होनें कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों की सेवा करने वाले स्वयंसेवी संगठन के कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। स्थानीय विश्राम गृह में केंद्रीय राज्यमंत्री ने कलेक्टर महादेव कांवरे और एसपी बालाजी राव से मुलाकात के दौरान जिले में कोराना संक्रमण की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने उन्हें बताया कि जिले में कोरोना नियंत्रित है। रोजाना 15 से 20 मरीजों की पुष्टि हो रही है,जो प्रदेश के दूसरे जिलों की अपेक्षा कम है। उन्होनें बताया कि कोरोना संक्रमण काल में जिला प्रशासन और वनविभाग ने मिलकर महुआ सैनिटाइजर बनाने का काम किया है। इस उत्पादन के माध्यम से स्वसहायता समूह की महिलाएं अब तक 22 लाख रुपये का महुआ सैनिटाइजर बेच चुकी है। सैनिटाइजर के साथ ही महुआ से लड्डू सहित अन्य उत्पाद तैयार कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अठावले ने जिला प्रशासन के प्रयास की सरहना करते हुए इसे जारी रखने का सुझाव दिया। सौजन्य मुलाकात करने के लिए विश्रामगृह पहुंचे पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव के साथ केन्द्रीय राज्यमंत्री अठावले ने संसद में बिताएं गए क्षणों को याद किया।

वापस नहीं होगा कानून,संशोधन के लिए तैयार

दिल्ली की सिंधु बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन पर चर्चा करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री अठावले ने कहा कि किसानों को सरकार के खिलाफ बहकाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कानून को लेकर जारी किए स्थगन आदेश के बाद आंदोलन खत्म होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सरकार चर्चा और सुझाव के मुताबिक कानून में संशोधन करने के लिए तैयार है। लेकिन कुछ किसान नेताओं के अड़ियल रूख से नतीजा नहीं निकल पा रहा है। उन्होनें कहा कि इस आंदोलन में सिर्फ पंजाब और हरियाणा के किसान शामिल हैं। बाकि राज्यों से सरकार को भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होनें सिंधु बार्डर में बैठे किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील भी की। उन्होनें कहा कि कानून वापस नहीं लिया जा सकता,लेकिन इसमें संशोधन के लिए सरकार तैयार है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मुद्दे को लेकर चल रहे खींचतान को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होनें कहा कि सरकार कोई भी,उसका काम आमइंसान और किसानों के हित में काम करना है। प्रदेश सरकार को आरोप प्रत्यारोप की जगह बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। अगर कोई समस्या है तो प्रदेश सरकार उनसे संपर्क कर सकती है। वे केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर से चर्चा कर छत्तीसगढ़ की समस्या का समाधान निकालने को तैयार हैं।

सड़क को लेकर नीतिन गडकरी से करेगें मुलाकात

पत्रकारों से चर्चा के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री अठावले ने कहा कि रांची से जशपुर तक दो लेन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है। जबकि छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र को जोड़ने वाले इस सड़क को फोरलेन होना चाहिए। इस विषय को लेकर वे जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी से मुलाकात करेगें। उन्होनें कहा कि सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय जरूरतमंद लोगों के विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रहा है। लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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