पत्थलगांव(नईदुनिया न्यूज)। आजाक सहकारी समिति घरजियाबथान में अंशकालिक प्रबंधक पर गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप लग रहे हैं। आरोप किसी और ने नहीं बल्कि समिति के संचालक मंडल के सदस्यों ने ही लगाए हैं। संचालक मंडल द्वारा मामले को लेकर अंशकालिक प्रबंधक नरोत्तम यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

आजाक सहकारी समितियों में वित्तीय अनियमितता के आरोप कोई नई बात नहीं रह गए हैं। अमूमन प्रतिवर्ष किसी न किसी सहकारी समिति के प्रबंधक पर आरोप सामने आते ही हैं। परंतु जब आरोप समिति के संचालक मंडल की ओर से ही लगाए जाएं तो मामला गंभीर हो जाता है। आजाक सहकारी समिति घरजियाबथान में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। जिसमें संचालक मंडल के सदस्यों ने अंशकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस नोटिस में प्रबंधक पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संचालक मंडल के अध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी इस नोटिस में प्रबंधक पर किसानों के केसीसी चेकबुक व पासबुक कई वर्षों से समिति के कार्यालय में रख लिए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके मुताबिक केसीसी पासबुक व चेकबुक को नियमतः कृषकों के पास होना चाहिए ताकि इसके माध्यम से होने वाले किसी भी लेन-देन के बारे में उन्हें जानकारी रहे। परंतु आलम यह है कि कई वर्षों से इन्हें अंशकालीन प्रबंधक द्वारा अपने कार्यालय में जमा कर रख लिया गया है। और केवल यही नहीं पासबुक में राशि के अंतरण को भी इंद्राज नहीं किया गया है। संचालक मंडल के सदस्यों का कहना है कि पासबुक में अंतरण इंद्राज नहीं होने से किसानों के समिति से लेन-देन के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इससे कृषकों को खाद-बीज एवं नगद केसीसी प्रदान करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे हो रही परेशानियों से किसानों में रोष उत्पन्ना हो रहा है। संचालक मंडल के सदस्यों का कहना है कि कई कृषकों द्वारा हिस्सा राशि प्रदान कर दिए जाने के बावजूद उनके पासबुक में इसका संधारण नहीं किया गया है जो कि कृषकों एवं समिति के हित के पूरी तरह विपरीत है। उनका यह भी कहना है कि कई कृषकों को हिस्सा राशि जमा कराने के बाद भी इसकी रसीद तक अंशकालीन प्रबंधक द्वारा नहीं दी गई जिससे यह राशि कहां गई इसके बारे में भी समिति केा जानकारी नहीं मिल पा रही है। समिति ने प्रबंधक नरोत्तम यादव के इस कृत्य से समिति एवं कृषकों को हो रही हानि का उल्लेख करते हुए प्रबंधक के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की कार्यवाही किए जाने की बात भी कही है। संचालक मंडल द्वारा जारी इस नोटिस में प्रबंधक को तीन दिवस के भीतर दस्तावेज समेत अपना स्पष्टीकरण संचालक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति ने जवाब प्रस्तुत करने में विफल रहने पर वित्तीय अनियमितता की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की बात कही है। उधर सहकारी समितियों के सहायक पंजीयक ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

8 जून के नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

संचालक मंडल की ओर से आजाक सहकारी समिति घरजियाबथान के अंशकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव को नोटिस जारी कर कृषकों के केसीसी चेकबुक एवं पासबुक के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के साथ ही समिति के वर्ष 2017-18 से 2020-21 तक के आय-व्यय की जानकारी भी मांगी गई है। संचालक मंडल का कहना है कि प्रबंधक को 8 जून को भी इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था। परंतु नोटिस जारी हुए एक सप्ताह का समय बीत जाने के बावजूद प्रबंधक द्वारा न तो कोई जवाब प्रस्तुत किया जा रहा है और न ही समिति के आय-व्यय के बारे में कोई जानकारी दी जा रही है। संचालक मंडल ने अंशकालीन प्रबंधक के इस कृत्य को समिति और कृषकों के हित के विपरीत बताते हुए वित्तीय अनियमितता का संदेह जताया है। समिति का कहना है कि यदि तीन दिवस के भीतर प्रबंधक द्वारा संपूर्ण जानकारी समेत स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो उसके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव किया जाएगा।

राशि लेकर भी नहीं दी पूरी खाद

संचालक मंडल के साथ ही समिति के कई किसानों ने भी अंशाकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव पर खाद वितरण में हेरा-फेरी करने के आरोप लगाए हैं। एक किसान सुखसागर ने बताया कि उसने पिछले वर्ष समिति से पचास बोरे खाद की खरीद की थी। इसके लिए पीओएस मशीन में उसके नाम पर 50 बोरे खाद की बिक्री दिखा दी गई और 50 बोरे खाद के पैसे भी उसके खाते से काट लिए गए। परंतु खाद देते समय केवल 40 बोरे ही उसे दिए गए। उसने बताया कि समिति के प्रबंधक नरोत्तम यादव ने उसे शेष 10 बोरे खाद कुछ समय बाद देने का भरोसा दिलाया था। परंतु यह दस बोरे खाद उसे 1 साल बाद भी अभी तक नहीं मिल पाई है। सुखसागर ने बताया कि उसने मौके पर 40 बोरे खाद देने पर उतनी ही खाद की रकम काटने का अनुरोध किया था परंतु प्रबंधक द्वारा बाद में खाद देने का भरोसा दिलाते हुए पूरी रकम उसके खाते में समायोजित करा दी। घरजियाबथान समिति के ही अमरसाय और कई अन्य किसानों ने भी राशि ले लेने के बावजूद कम खाद दिए जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

''मामले में पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जांच में यदि शिकायत सही पाई जाती है तो निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।''

बीजे एक्का,सहायक पंजीयक सहकारी समितियां,जशपुर

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