जशपुरनगर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्कूली बच्चों को लेकर सड़क में दौड़ रहे छोटे बड़े वाहनों पर स्थानीय प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं हैं। नए शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही इन दिनों जिले की सड़कों में पंजीकृत से अधिक अवैध स्कूल वैन फर्राटा भरते हुए दिखाई दे रहें हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि शहर के चौकचौराहों में ड्यूटी कर रहे यातायात विभाग के जवान और दो पहिया वाहनों की जांच कर चालानी कार्रवाई में जुटे पुलिस प्रशासन के जवान,इन अवैध स्कूली वैन को अनदेखा कर देते हैं। इतना ही नहीं,जिन पंजीकृत वाहनों में से भी अधिकांश में से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मापदंड सिरे से गायब हैं। परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी मैदान में कहीं दिखाई नहीं देते। बीते 5 अगस्त को रायपुर मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा पर उच्च स्तरीय बैठक में स्कूली वैन की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए,नए निर्देश जारी किए गए हैं। देखना होगा,पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी,इन निर्देशों का पालन कराने में कितनी रूचि लेते हैं। जिला परिवहन अधिकारी विजय कुमार निकुंज ने बताया कि जिले में इस समय 53 पंजीकृत स्कूल वैन संचालित किए जा रहें हैं। उन्होनें बताया कि स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाने के लिए वाहन का स्कूली वैन के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है। बिना पंजीकृत संचालित किए जाने पर भारी शमन शुल्क का प्राविधान है। विभाग का कहना है कि स्कूल बस के संचालन के लिए संबंधित वाहन में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय किए गए 14 बिंदु के मापदंड होना आवश्यक है। इसमें कमी पाएं जाने पर संचालक को नोटिस जारी कर मापदंड को पूरा करने के लिए समय दिया जाता है। तय समय सीमा में मापदंड पूरा न करने पर पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

शहर की सड़कों में दौड़ रहें हैं अवैध स्कूली वेन

स्कूली वैन को लेकर एक ओर जहां उच्च अधिकारी इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के यतन में जुटे हुए हैं। वहीं शहर में जिला प्रशासन के नाक के नीचे बिना पंजीकरण के चार पहिया स्कूली वैन धड़ल्ले से बच्चों को बैठा कर दौड़ रहें हैं। इन वाहनों में सीसीटीवी कैमरा और स्पीड कंट्रोल सिस्टम तो दूर चालकों के पास वाहन चलाने का लाइसेंस भी है या नहीं,इसकी सुध अधिकारियों ने अब तक नहीं ली है। सड़क में इन वाहनों की गति देख कर समझा जा सकता है कि इसमें बैठे हुए बच्चे कितने सुरक्षित हैं। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के वाहन अभिभावक आपस में शेयर करके चलाते हैं। इन पर कार्रवाई करना काफी मुश्किल होता है।

कार्रवाई शुरू करने की तैयारी में परिवहन विभाग

स्कूली वैन के संबंध में जब नईदुनिया ने जिला परिवहन अधिकारी विजय कुमार निकुंज से चर्चा की तो उन्होनें बताया कि नए सत्र की शुरूआत में उन्होनें स्कूली वैन की जांच की थी। इनके मापदंड में जो कमियां पाई गई थी,उन्हें दूर करने के लिए संचालकों को समय दिया गया था। यह समय अब खत्म हो चुका है। अब जल्द ही इनकी जांच की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

स्कूली बसों में लगाया जाएगा पेैनिक बटन

5 अगस्त को रायपुर में सड़क सुरक्षा विषय पर संपन्ना हुई उच्च स्तरीय बैठक में यात्री बसों के साथ सभी स्कूली वैन में पैनिक बटन लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। ताकि आपात स्थिति में इन बसों में यात्रा कर रहे बच्चों को सहायता पहुंचाई जा सके।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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