कोतबा(नईदुनिया न्यूज)। शासकीय छात्रावासों में आवश्यक सामग्री आपूर्ति करने वाली महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों को जांच और बयान का नोटिस थमाकर जांच अधिकारी को पहुंचने की सुध ही नहीं रही। जांच अधिकारी की इस लापरवाही से मेहनत की कमाई पाने के लिए महिनों से जूझ रही महिलाओं नाराजगी है।

मामला जिले के पत्थलगांव ब्लाक के कोतबा क्षेत्र की है। मंगलम स्वसहायता समूह की सदस्य श्रीमती प्राची निखाड़े, राखी शर्मा, संध्या बंजारा, मीना सिदार ने बताया कि उन्हें कांसाबेल के मंडल संयोजक संजय चंद्रा की ओर से नोटिस मिला था। इस नोटिस में उन्हें छात्रावासों में स्व सहायता समूह द्वारा आपूर्ति किए गए सामग्री की गुणवत्ता की जांच के संबंध में सुबह 10 बजे कोतबा के कारगिल चौक में स्थित सामुदायिक भवन में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय पर महिलाएं अपना पक्ष रखने के लिए सामुदायिक भवन पहुंच गई,लेकिन नोटिस जारी करने वाले मंडल संयोजक शाम 4 बजे तक नहीं पहुंचे। शाम 4 बजे तक मंडल संयोजक की बाट जोहने के बाद महिलाएं निराश होकर वापस लौट आई। मंडल संयोजक की मनमानी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रीमती प्राची निखाड़े ने कहा कि नोटिस को गंभीरता से लेते हुए वे तय समय पर पहुंच गई थी। लेकिन मंडल संयोजक जांच के लिए पहुंचे ही नहीं और ना ही उन्होनें अपने ना आने की सूचना ही दी। वर्षा के मौसम में महिलाएं दिन भर सामुदायिक भवन में बैठी रही। लेकिन आदिम जाति कल्याण विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी को न तो महिलाओं के सम्मान का ख्याल रहा और ना ही जांच स्थल पर बुनियादी सुविधाएं जुटाने की। मंडल संयोजक की इस मनमानी से नाराज महिलाओं ने उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार कर रही हैं। मामले को लेकर नईदुनिया ने भी प्रभारी मंडल संयोजक संजय चंद्रा से उनका पक्ष लेने की कोशिश की तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुये फोन काट दिया। मामले को लेकर सहायक आयुक्त बीके राजपूत ने भी काल रिसीव नही किया।

महिनो से नहीं हुआ भुगतान

महिलाओं का कहना है कि कलेक्टर के अनुसार मंगला स्वसहायता समूह कोतबा क्षेत्र में संचालित 10 आवासीय कन्या और बालक छात्रावासों में चावल को छोड़कर साबुन,केश तेल,टूथ पेस्ट,वाशिंग पावडर सहित राशन सब्जी की आपूर्ति करतीं हैं। लेकिन बीते कई महिनों से उन्हें छात्रावासों की ओर से आपूर्ति किए गए समान का भुगतान नहीं किया गया है। इसकी शिकायत उन्होनें कलेक्टर सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से भी किया है। महिलाओं का आरोप है कि भुगतान के लिए दबाव बनाए जाने पर मंडल संयोजक ने अचानक आपूर्ति उनसे छीनकर दूसरे स्वसहायता समूह को थमा दिया। इस कार्रवाई से पहले न तो मामले की जांच की गई और ना ही उन्हें पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

वर्जन

मामले की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

आरएस लाल,एसडीएम,पत्थलगांव।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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