पत्थलगांव(नईदुनिया न्यूज)। ग्राम पंचायत खाड़ामांचा में मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन का आहरण किए जाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री को सौंपी गई शिकायत में ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर इसका आरोप लगाया है। अपनी शिकायत में ग्रामीणों ने मृतकों के नाम पर पेंशन वितरण किए जाने के साथ ही कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

शासन ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लाख दावे कर ले परंतु हकीकत आज भी कोसों दूर नजर आती है। भ्रष्टाचार पर रोक के तमाम उपायों के बावजूद ग्राम पंचायतों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। ताजा मामले में ग्राम पंचायत खाड़ामांचा में मृत व्यक्तियों के नाम पर खाद्यान्ना वितरित किए जाने की बात सामने आई है। जगबंधु यादव, दुर्योधन यादव, रामनाथ सिंह नाग, कमिल बड़ा,चंदनराम नाग, कुंवर खलखो,ओमप्रकाश यादव, दशरथ यादव, उमा यादव, मोहन यादव, रूपसिंह नाग, हेमंत यादव, पास्कल टोप्पो, बेसकू नाग, सुधीर, तिलक साय, सुधन, प्रतिमा समेत अन्य ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री से की गई शिकायत से इसका खुलासा हुआ है। 11 जून को मुख्यमंत्री के पत्थलगांव विधानसभा के प्रवास के दौरान बागबहार में आयोजित जनचौपाल में सौंपी गई शिकायत में ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर इसे लेकर आरोप लगाए हैं। शिकायत में ग्रामीणों ने उन मृत व्यक्तियों के नामों की सूची भी सौंपी है जिनके नाम पर खाद्यान्ना का आहरण किया जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो आहरण भी मृतकों के परिजनों द्वारा नहीं किया जा रहा है। उनके मुताबिक इस सूची में केवल उन्हीं लोगों के नाम शामिल हैं जिनके परिवार में केवल एक या दो ही सदस्य थे और दोनों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं यदि उनके परिवार के अन्य सदस्य हैं भी तो उनके नाम पर पहले से ही अलग से कार्ड बने हुए हैं। ऐसे में मृत व्यक्तियों के नाम पर पंचायत से होने वाला आहरण आखिर किसके पास जा रहा था यह अपने आप में ही बहुत बड़ा सवाल है। ग्रामीणों ने इसे लेकर पंचायत पर आरोप लगाया है। शिकायत में ग्रामीणों का कहना है कि सूची में उल्लेखित व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है परंतु पंचायत द्वारा मृत व्यक्तियों के नाम से अवैध तरीके से राशन निकाल कर अपने उपयोग में लिया गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ग्राम के किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर नियमतः 21 दिनों बाद उसके वारिसानों का नाम दर्ज किया जाना चाहिए और मृत व्यक्तियों के नाम पर पीडीएस का राशन आहरण नहीं होना चाहिए। परंतु ऐसा नहीं किया गया और पंचायत के द्वारा मृत व्यक्तियों के बारे में जानकारी को छिपाते हुए उनके नाम पर राशन निकाला गया है। ग्रामीणों ने पंचायत पर राशन वितरण सूची से कम राशन का वितरण किए जाने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि आनलाइन पीडीएस राशन वितरण सूची के अनुरूप गांव के कई व्यक्तियों को ज्यादा राशन मिला चाहिए था परंतु पंचायत द्वारा उन्हें कम राशन वितरण किया गया है।

मृतकों के नाम पेंशन भी निकाली

ग्राम पंचायत खाड़ामांचा के ग्रामीणों ने मृतकों के नाम से राशन आहरण करने के साथ ही मृतकों के पर आबंटित होने वाली राशि का भी आहरण करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री जनचौपाल में ही सौंपी गई एक अन्य शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत द्वारा मृत व्यक्तियों के नाम पर अवैध रूप से पेंशन राशि का आहरण कर अपने उपयोग में लिया गया है। ग्रामीणों ने इसके साथ भी ऐसे लोगों की सूची सौंपी है जिनकी उनके मुताबिक मृत्यु हो चुकी है परंतु पंचायत द्वारा उनके नाम पर मिलने वाली पेंशन राशि का उसके बाद भी आहरण किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली पेंशन राशि में गड़बड़ी करने का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पात्र हितग्राहियों को वर्ष में केवल 3 से 4 माह की पेंशन राशि ही दी जाती है। जबकि शेष राशि का पंचायत के द्वारा खुद ही आहरण कर लिया जाता है।

मुख्यमंत्री जनचौपाल में शिकायत की गई है तो मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। इस प्रकार मृतकों के नाम पर राशन और पेंशन का आहरण गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी।

-संजय सिंह,सीईओ,पत्थलगांव

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