पत्थलगांव(नईदुनिया न्यूज)। आजाक सहकारी समिति घरजियाबथान के अंशकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव को पदीय कर्तव्यों के उल्लंघन के आरोप में पद से निलंबित कर दिया गया है। प्रबंधक पर किसानों की केसीसी चेकबुक और पासबुक समिति के कार्यालय में रख लेने और किसानों द्वारा दी गई अंश राशि को पास बुक में इंद्राज नहीं करने के आरोप लगे थे। 'नईदुनिया' ने अपने 14 एवं 15 जून के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जांच में शिकायतों की पुष्टि होने पर सहायक पंजीयक द्वारा प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं नरोत्तम यादव को आजाक सहकारी समिति तमता के अतिरिक्त प्रभार से भी कार्यमुक्त कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि आजाक सहकारी समिति घरजियाबथान में अंशकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव द्वारा कई प्रकार की वित्तीय अनियमितता किए जाने का मामला सामने आया था। किसानों ने प्रबंधक पर उनकी केसीसी चेकबुक और पासबुक को जबरन अपने पास रख लेने और बार-बार मांगे जाने के बावजूद किसानों को वापस नहीं करने के आरोप लगाए थे। वहीं प्रबंधक द्वारा किसानों द्वारा जमा की गई अंश राशि को पासबुक में इंद्राज नहीं करने और न ही इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध कराने के आरोप भी लगे थे। और तो और किसानों को अंश राशि जमा कराने की रसीद भी नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई थी। जिसके अभाव में किसानों के लिए खाद-बीज और केसीसी ऋण हासिल कर पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। किसानों ने अंशकालीन प्रबंधक द्वारा बिना उनको बताए उनके खाते से ऋण निकाल लेने के आरोप भी लगाए थे। किसानों का कहना है कि उनके खाते से निकाले जाने वाले खाद,बीज और ऋण के बारे में उन्हें कोई जानकारी तक नहीं दी जाती थी परंतु धान बेचते समय यह राशि उनके खाते से काट ली जाती थी। ऐसे में उनकी खून पसीने की कमाई भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही थी। कई किसानों ने उनसे रकम ले लेने के बाद भी उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए समिति के संचालक मंडल द्वारा अंशकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। 'नईदुनिया' ने अपने 14 व 15 जून के अंक में इन खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिन पर संज्ञान लेते हुए सहायक पंजीयक सहकारी समितियां जशपुर बी जे एक्का ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच कमेटी द्वारा गुरूवार को समिति के कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच की गई। संचालक मंडल और किसानों की उपस्थिति में हुई प्रारंभिक जांच में ही शिकायतों की पुष्टि हो गई जिस पर कार्रवाई करते हुए सहायक पंजीयक द्वारा अंशकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव को पद से निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक अन्य आदेश के माध्यम से सहायक पंजीयक द्वारा नरोत्तम यादव को आजाक सहकारी समिति तमता के प्रबंधक के अतिरिक्त कार्यभार से भी कार्यमुक्त कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि तमता के प्रबंधक गोविंद यादव के निलंबन के बाद नरोत्तम यादव को यहां का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। परंतु पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही और इसके कारण निलंबन की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त कार्यभार भी उनसे वापस ले लिया गया है।

और भी शिकायतें आईं सामने

आजाक सहकारी समिति घरजियाबथान के अंशकालीन प्रबंधक नरोत्तम यादव के खिलाफ और भी शिकायतें सामने आई हैं। घरजियाबथान के ही ग्रामीणों ने बताया कि यह पहला अवसर नहीं है कि प्रबंधक के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो। उनकी कार्यशैली के कारण एक अर्से से किसान परेशान हो रहे हैं। इसे लेकर उनके द्वारा सितंबर 2021 में कलेक्टर जशपुर से शिकायत की गई थी। जिसमें अनुमति नहीं होने के बावजूद नगद खाद बिक्री करने, धान बिक्री के समय बिना कोई राशि दिए किसानों का लाया हुआ बारदाना रखवा लेने, किसानों के खाते में धान बेचकर शासन और किसानों को नुकसान पहुंचाने, धान खरीदी के समय धान की तौलाई से लेकर बोरा सिलाई और छल्ली लगाने तक का कार्य किसानों से कराने और फर्जी हाजिरी भरकर लेबर खर्च निकालने जैसे मामले शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी शिकायतों पर जांच तो हुई परंतु इसमें भी लीपापोती कर दी गई। जिसके बाद उन्होंने पुनः कलेक्टर से निवेदन कर जांच पर असंतोष जताया था परंतु इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

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