पत्थलगांव। नईदुनिया न्यूज। संलग्नीकृत शिक्षकों के कारण विकासखंड के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था विपरीत रूप से प्रभावित हो रही है। कहीं कम दर्ज संख्या के कारण शिक्षक अतिशेष हो गए हैं तो कहीं अधिक दर्ज संख्या के बावजूद शिक्षकों की कमी है। विकासखंड शिक्षाधिकारी ने अतिशेष शिक्षकों वाले स्कूलों में संलग्न शिक्षकों को उनकी मूल शालाओं में भेजने की बात कही है।

पत्थलगांव में शिक्षा विभाग के अंतर्गत 318 प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें शिक्षा व्यवस्था संचालित करने के लिए विभाग द्वारा दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षकों की पदस्थापना की जानी है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 0 से 60 तक दर्ज संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों में दो तथा 61 से 90 तक दर्ज संख्या वाले स्कूलों में तीन तथा 91 से 120 दर्ज संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों में चार शिक्षकों की पदस्थापना की जानी है। दर्ज संख्या के आधार पर विभाग द्वारा शिक्षकों को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में संलग्न किया जाता रहा है ताकि सभी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। परंतु सुचारू रूप से संचालन के लिए बनी संलग्नीकरण की यह व्यवस्था ही अब शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित करने की वजह बन गई हैं। जानकारी के अनुसार पहले कई स्कूलों में दर्ज संख्या अधिक होने के कारण शिक्षकों को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में संलग्न किया गया था। परंतु अब नई पदस्थापना होने से स्कूलों में निर्धारित संख्या में शिक्षक हो गए हैं वहीं संलग्न शिक्षकों की मूल शाला में अधिक दर्ज संख्या हो जाने से वहां शिक्षकों की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है। दूसरी ओर अन्य विकासखंडों से भी शिक्षकों के पत्थलगांव विकासखंड में स्थानांतरित होकर यहां पदस्थापना होने से संलग्न शिक्षकों की आवश्यकता नहीं रह गई है। परंतु अब संलग्न शिक्षक उस स्कूल को छोड़कर जाना ही नहीं चाहते। दूसरी ओर कई शिक्षक घर के पास अथवा अपने लिए सुविधाजनक होने से संलग्न स्कूल को नहीं छोड़ना चाहते। इससे अधिक दर्ज संख्या वाले स्कूलों को शिक्षकों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर कम दर्ज संख्या वाले स्कूलों में अतिशेष शिक्षकों को कोई कार्य नहीं रह गया है। विकासखंड के स्कूलों में इस अव्यवस्था से शिक्षण व्यवस्था विपरीत रूप से प्रभावित हो रही है। कई स्कूल ऐसे हैं जो एकल शिक्षकीय हो गए हैं। इसे देखते हुए बीईओ डीआर भगत ने संलग्न शिक्षकों को मूल शाला में भेजने का मन बना लिया है। उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में पूर्व की स्थिति के आधार पर शिक्षकों को व्यवस्था बनाने के लिए संलग्न किया गया था। परंतु नवीन पदस्थापना से ऐसे स्कूलों में निर्धारित शिक्षकों की संख्या पूरी हो चुकी है और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार संलग्न शिक्षकों की संलग्नीकृत स्कूलों में आवश्यकता नहीं है। उन्होंने ऐसे शिक्षकों को मूल शाला में भेजने की बात कही है। बीईओ श्री भगत ने बताया कि विभिन्न स्कूलों में संलग्न ऐसे शिक्षकों को जिनमें दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षकों की संख्या पूरी हो चुकी है उन्हें अपनी मूल शालाओं में वापस भेजा जाएगा। मूल शाला में भी आवश्यकता न होने पर उन्हें शिक्षकों की कमी से जूझ रहे अन्य स्कूलों में संलग्न किया जाएगा। उन्होंने व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए जल्द ही कदम उठाने की बात कही है।

कहीं नवीन पदस्थापना तो कहीं अन्य विकासखंडों से हुए स्थानांतरण के कारण कई शालाओं में अतिशेष शिक्षक हो गए हैं। ऐसी शालाओं में संलग्न शिक्षकों को मूल शालाओं में भेजा जाएगा। आवश्यकता के अनुसार उन्हें अधिक दर्ज संख्या वाले स्कूलों में भी भेजा जा सकता है। इसके लिए जल्द की कदम उठाया जाएगा।

डीआर भगत,विकासखंड शिक्षाधिकारी,पत्थलगांव

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Posted By: Nai Dunia News Network