कोतबा(नईदुनिया न्यूज)। गुरुवार को संकुल केंद्र बुलड़ेगा में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पत्थलगांव जनपद पंचायत के अध्यक्ष सुकृत सिंह शामिल हुये. उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में बुलड़ेगा के सरपंच चंदन सिंह सिदार, डोमेश्वर पटेल,माधव राम ठाकुर,मुरलीधर सनमानी सहित अन्य लोग शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने विद्या दायनी माता सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शुभारंभ किया.व नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरित किया गया। नव प्रवेशी बच्चों को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष सुकृत सिंह ने कहा कि शिक्षा एक प्रेरणा है। लेकिन उसके सामने चार शब्द की वाक्य ही बलशाली होती है। उन्होंने कहा कि दो अक्षर लक, ढाई अक्षर भाग्य होती है तीन अक्षर नसीब, साढ़े चार अक्षर किस्मत,मगर इन सभी शब्दों के सामने चार अक्षर मेहनत के सामने सभी चीजें फीका पड़ जाती है.उनके कहने का मतलब यह था कि कई लोग अपने नसीब,भाग्य,किस्मत पर छोड़ देते है। जबकि कोई भी व्यक्ति या छात्र अपने सच्ची लगन से मेहनत करे तो उसे सफलता निश्चित ही प्राप्त होती है।जनपद अध्यक्ष ने सभी गुरुजनों को निष्ठा भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील करते हुए कहा कि एक शिक्षक ही समाज सुधारक है। उनके सच्ची मेहनत व दायित्वों से ही भारत देश शिक्षा क्रांति की ओर अग्रसर है। सरपंच चंदन सिंह सिदार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का अलख शिक्षक ही रोशन कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे खुद एक शिक्षक थे। अपने दायित्वों का निर्वहन कर आज समाज सेवा में अग्रसर है।उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्रामीणों की प्रतिभा निखारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.जिससे आज भारतदेश में ग्रामीण बच्चे भी शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रकट प्राचार्य गणेश चौधरी ने किया ।इस दौरान संस्था के शिक्षक देवेंद्र गुप्ता,श्रीमती सरस्वती नायक,मिट्ठू सिदार,गनपत ठाकुर,टेरेशा पुष्पा एक्का सहित गणमान्य नागरिक व पालकगण उपस्थित थे।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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