जशपुरनगर। मतांतरित हुए आदिवासियों को आरक्षण सहित सभी शासकीय सुविधाओं से वंचित करने की मांग को लेकर चल रहे डिलिस्टिंग की मांग को लेकर समर्थक और विरोधी,जिले में आमने सामने आते हुए नजर आ रहें हैं।एक ओर जहां 27 मई को आयोजित होने वाली रैली व धरना प्रदर्शन की तैयारी में,डिलिस्टिंग समर्थक जोर शोर से जुटे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर इसके विरोधियों ने भी 28 मई को जवाबी रेैली आयोजित करने की घोषणा करते हुए,इसकी तैयारी शुरू कर दी है। विरोधियों द्वारा रैली के प्रचार प्रसार के लिए तैयार किए गए व्हाट्सएप ग्रुप में किए गए पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए,जनजातिय सुरक्षा मंच ने इसकी शिकायत कलेक्टर रितेश अग्रवाल और एसपी राजेश अग्रवाल से करते हुए कार्रवाई करने और 28 मई को प्रस्तावित रैली की अनुमति न दिए जाने की मांग की है। किए गए शिकायत में जनजातिय सुरक्षा मंच के लालदेव भगत और करूणा भगत ने बताया है कि डिलिस्टिंग की मांग के विरोध में आयोजित होने वाले रैली के आयोजक इंटरनेट मिडिया पर एक ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप में समुदाय विशेष के साथ आरएसएस को लेकर कई भ्रामक पोस्ट किया जा रहा है।

शिकायत में आशंका जताई गई है कि अगर 28 मई को होने वाली इस रैली को अनुमति दी जाती है तो कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। बहरहाल,अगले महिने 6 से 8 जून तक जिले में मुख्यमंत्री का तीन दिवसीय प्रवास प्रस्तावित है। इससे ठीक पहले डिलिस्टिंग को लेकर दो समुदायों के आमने सामने आने की स्थिति ने जिला प्रशासन की मुश्किले बढ़ा दी है। कलेक्टर रितेश अग्रवाल का कहना है कि रैली के आयोजन की अनुमति अभी तक नहीं दी गई है। उन्होनें बताया जनजातिय सुरक्षा मंच द्वारा की गई शिकायत का परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह है डिलिस्टिंग का पूरा मामला

डिलिस्टिंग याने मतांतरित हो चुके आदिवासियों को आरक्षण की सूची से बाहर किए जाने की मांग लगातार उठती रही है। इसके समर्थक समय समय पर सर्वोच्च न्यायाल द्वारा दिए गए निर्णय का हवाला दे रहें हैं। समर्थक अब तक बस्तर और मुंगेली में रैली का आयोजन कर चुके हैं। 27 मई को जशपुर में रैली प्रस्तावित है। इस रैली के लिए जनजातिय सुरक्षा मंच,वनवासी कल्याण आश्रम और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि गांव गांव में संपर्क अभियान चला कर,27 मई की रैली में शामिल होने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित कर रहें है। आयोजकों का दावा है कि रैली में 50 हजार से अधिक लोग जुटेगें। इससे पहले इस विषय पर दिल्ली में आयोजित कार्यशाला में भी जनजातिय सुरक्षा मंच के संयोजक पूर्व मंत्री गणेश राम भगत शामिल हो चुके हैं।

अभी रैली की अनुमति नहीं दी गई है। जनजातिय सुरक्षा मंच द्वारा किए गए शिकायत का परीक्षण कराया जा रहा है।

रितेश अग्रवाल,कलेक्टर,जशपुर।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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