जशपुरनगर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्थानानांतरण प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में निजी स्कूल संचालक द्वारा 10 हजार और बकरा मांगे जाने का मामला उजागर हुआ है। पीड़ित की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला जिले के बगीचा ब्लाक के ग्राम सेंधवार आंबाडीपा की है। इस गांव की रहवासी पहाड़ी कोरवा महिला पार्वती बाई की दो बच्चे प्रियंका और रेवती अंबाडीपा में संचालित निजी स्कूल गुरूकुल संस्कृत विद्यालय में कक्षा सातवीं और आठवीं में पढ़ाई करते हैं। महिला ने अपने शिकायत में बताया है कि आर्थिक तंगी के कारण वह अपने दोनों बच्चों का फीस नहीं भर पा रही थी। वहीं स्कूल प्रबंधन बकाया शुल्क जमा कराने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। इससे परेशान हो कर पार्वती बाई ने अपने दोनों बच्चों की टीसी की मांग स्कूल से की। प्रार्थिया का आरोप है कि टीसी के बदले में स्कूल संचालक फुलेश्वर यादव ने उससे टीसी के बदले 10 हजार रूपए नगद और एक बकरे की मांग की। आर्थिक परेशानी से जूझ रही पहाड़ी कोरवा महिला ने संचालक की इस मांग को पूरा करने में असमर्थता जतायी। इस पर स्कूल ने दोनों बच्चों की टीसी ही जारी नहीं किया। पीड़िता का कहना है कि वह अपने दोनों बच्चों को पंडरापाठ में संचालित सरकारी आश्रम शाला में प्रवेश कराना चाहती है,लेकिन टीसी न मिल पाने के कारण बच्चों का एडमिशन नहीं हो पा रहा है। शनिवार और रविवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रवास से ठीक पहले शिक्षा विभाग में उजागर हुए इस मामले से प्रशासन में हलचल मच गई है। कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने जिला शिक्षाधिकारी जितेन्द्र प्रसाद को मामले की जांच और कोरवा परिवार की समस्या का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया है।

स्कूल की मान्यता पर सवाल

बगीचा तहसील में संचालित इस निजी हायर सेकेण्डरी स्कूल की मान्यता पर सवाल उठाया जा रहा है। पूरी तरह से सुविधाहीन एक कमरे के कच्चे मकान में संचालित हो रहे इस निजी शिक्षण संस्था को किस आधार पर स्कूल संचालन करने की अनुमति शिक्षा विभाग ने दी है,यह स्वयं में जांच का एक बड़ा विषय है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अनुमति के बिना निजी स्कूल का संचालन नहीं किया जा सकता है। मान्यता देने से पहले मंडल,जिला शिक्षा कार्यालय से 27 बिंदु की निरीक्षण रिपोर्ट मंगाता है। इस रिपोर्ट में स्कूल भवन में बुनियादी सुविधा,शिक्षक,सुरक्षा संबंधी व्यवस्था की जांच शामिल होती है। लेकिन विवादों में घिरे गुरूकुल संस्कृत विद्यालय से यह सभी बुनियादी सुविधा सिरे से नदारद नजर आ रहें हैं।

वर्जन

मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। कलेक्टर व जिला शिक्षाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच के लिए संबंधित स्कूल जा रहा हूं। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

आरएल कोसले,बीईओ,बगीचा।

महिला से बकाया स्कूल की फीस की रकम मांगी गई है। इसके अलावा किसी प्रकार की मांग नहीं की गई है।

फुलेश्वर यादव,संचालक,गुरूकुल संस्कृत विद्यालय,आम्बाडीप,बगीचा।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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