तुमला(नईदुनिया न्यूज)। जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र में इन दिनों हाथियों की बढ़ती हलचल ने ग्रामीण अंचल के रहवासियों की नींद उड़ा दी है। खेत और खलिहान में धान के उठ जाने के बाद,भूख मिटाने के लिए अतिकाय,घरों को निशाना बना रहें हैं। वन विभाग के आंकड़े के मुताबिक बीते पांच दिन के भीतर हाथियों ने तपकरा क्षेत्र में ही 25 घरों को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों से जान व घर बचाने के लिए ग्रामीण इन दिनों रतजगा करने के लिए मजबूर हैं। हालांकि वनविभाग का दावा है कि हाथियों की हलचल की जानकारी ग्रामीणों को देकर सावधान कर रहें हैं। वनविभाग के मुताबिक बीते कुछ दिनों से तपकरा वन परिक्षेत्र में हाथियों के दो बड़े दल गौतमी और शांति डेरा जमाए हुए हैं। इन दोनों दलों को मिलाकर बुधवार 26 जनवरी की स्थिति में इस रेंज में 30 हाथी विचरण कर रहे थे। हालांकि रेंज से ओडिशा और झारखंड की अंतरराज्यीय सीमा लगे होने के कारण हाथियों के आने जाने का सिलसिला जारी रहता है। लेकिन हाथियों के इन दलों में कुछ छोटे हाथियों के शामिल होने के कारण गौतमी दल कुछ ज्यादा आक्रामक नजर आ रहा है। जानकारों के मुताबिक दल में बच्चों के होने पर मादा हाथी अधिक आक्रामक होती है। ग्रामीणों की मुसीबत का बड़ा कारण हाथियों के घरों को नुकसान पहुंचाए जाने को लेकर है। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के मुताबिक शाम ढलते ही जंगल से हाथियों के बस्ती में घुसने का सिलसिला शुरू हो जाता है। संपत्ति हानि का मुआवजा देने के लिए,वन व राजस्व विभाग के कर्मचारी,नुकसान का आंकलन रिपोर्ट तैयार करने में व्यस्त हैं।

नहीं है कोई निगरानी व्यवस्था

जिले में फिलहाल हाथियों के हलचल की निगरानी की कोई कारगर व्यवस्था वन विभाग के पास मौजूद नहीं है। बीते पांच साल के दौरान विभाग रेडियो कालर और स्मार्ट हूटर जैसे कई नवाचार कर चुका है। लेकिन इसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। मादा हाथी गौतमी को 2019 में रेडियो कालर पहनाया गया था,ताकि उपग्रह के माध्यम से दल के हलचल पर नजर रखी जा सके। लेकिन वर्ष 2020 में लाकडाउन के दौरान पत्थलगांव रेंज में कालर आईडी खुल कर गिर गया था। इसके बाद से दोबारा,आईडी नहीं पनाया जा सका है। वहीं,बिजली और इंटरनेट की अनियमित व्यवस्था ने,स्मार्ट हूटर योजना को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस योजना के तहत वनविभाग जिले के फरसाबहार,दुलदुला और कुनकुरी ब्लाक में इंटरनेट से कनेक्टेड हूटर लगाया गया था। गांव के नजदीक के जंगल में हाथियों के पहुंचने पर हूटर को बजा कर,ग्रामीणों को सचेत करने की व्यवस्था की गई है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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