जशपुरनगर। शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन के बगल में लगने वाली दैनिक बाजार को लेकर रविवार को एक बार फिर हंगामा हुआ। बवाल उस समय शुरू हुआ जब इस स्थान पर बाजार लगाने वाले व्यवसायियों ने सुबह एकजुट होकर लगाए गए तार के बाड़ को तोड़ दिया। बीते दो तीन दिनों से चल रहे इस हलचल की कोतवाली पुलिस पूरी तरह से बेखबर रही। बाड़ तोड़ दिए जाने की सूचना पर कोतवाली प्रभारी रमाशंकर तिवारी दलबल के साथ जरूर मौके पर पहुंचें। सालों से इस स्थान पर बाजार लगाते आए,व्यवसायियों का कहना है कि बाजार खाली हो जाने से उनके सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।

प्रशासन अब तक उनके लिए कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं करा पाई है। रविवार को शहर में बड़ा साप्ताहिक बाजार लगता है। नगरपालिका द्वारा आबंटित सब्जी बाजार में जगह पूरी तरह से भर चुकी है। इसके आगे की हिस्से में सब्जी विक्रेताओं ने दुकान लगा रखी है और पिछले हिस्से में हटाएं गए कपड़ा व्यवसायियों ने कब्जा कर लिया है। लेकिन वे पूरी तरह से बेरोजगार हो चुके है। मौके पर पहुंचे एसडीएम बालेश्वर भगत ने हंगामा मचा रहे व्यवसायियों को दो टूक में कहा कि इस तरह की गैरकानूनी हरकत के बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होेनें व्यवसायियों को स्थान आबंटन के लिए नगरपालिका में विधिवत आवेदन करने की समझाईश दी। मौके पर उपस्थित पालिका के कर्मचारियों को आवेदन लेने के साथ ही,साप्ताहिक सब्जी बाजार में कारोबार कर रहे व्यवसायियों की सूची तैयार करने का निर्देश भी दिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

यह है पूरा मामला

बाजार को लेकर विवाद बीते सप्ता​ह 9 जून को उस समय खड़ी हुई थी जब यहां के एक कपड़ा दुकान से गौमांस मिला था। इस घटना के बाद शहर सहित पूरे जिले में तनाव की स्थिति बन गई थी। आरोपों के घेरे में आए दो आरोपितों की भीड़ ने जमकर पिटाई कर दी थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद जिले बंद का आह्वान भी किय गया था। दैनिक सब्जी बाजार को खाली कराने की कार्रवाई की गई थी।

1950 से लग रहा था बाजार

बाजार को लेकर चल रहे विवाद को लेकर सामने आ कर कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। हालांकि शहर के कुछ पुराने रहवासियों का कहना है कि विवादित स्थल पर 1950 से बाजार लग रहा है। इनका दावा है कि पहले यह बाजार बस स्टेण्ड के पास स्थित बजरंग बली मंदिर के प्रांगण में लगा करता था। लेकिन कालांतर में स्थान की कमी होने के कारण इसे विवादित स्थल पर स्थानांनतरित किया गया था।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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