तुमला(नईदुनिया न्यूज)। तीन दिन से अंधेरे से जूझ रहे ग्रामीण शनिवार को सड़क में उतर आए। नाराज ग्रामीणों ने तपकरा ओडिशा स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। ग्रामीणों द्वारा अचानक उठाए गए इस कदम से स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी सकते में आ गए। उन्होनें आंदोलन स्थल पर पहुंच कर सड़क में धरने में बैठे ग्रामीणों को बिजली व्यवस्था सुधारने का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया।

छत्तीसगढ़ और ओडिशा की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित लावाकेरा और इसके आसपास के 20 गांव,मजरे टोले की बिजली बीते 3 दिनों से गुल है। इन गांव के रहवासियों का आरोप है कि उन्होनें गांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना दी लेकिन लाइन को सुधारने के लिए विद्युत विभाग का कोई कर्मचारी गांव की ओर झांकने भी नहीं आया। अंधेरे के साथ वर्षा न होने से भीषण गर्मी और उमस के साथ मच्छरों के आतंक ने ग्रामीणों के रात की नींद उड़ा दी है। सुनवाई न होते देखकर सौ से अधिक ग्रामीण शनिवार की दोपहर लगभग 2 बजे सड़क में उतर आए। उन्होनें विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तपकरा सुंदरगढ़ स्टेट हाईवे के बीच में धरने में बैठ गए। इस धरना से सड़क के दोनों ओर की आवाजाही ठप पड़ गई। सड़क जाम होने की सूचना पर फरसाबहार के एसडीएम शबाब खान,कांसाबेल के सहायक यंत्री प्रदीप पैंकरा,तपकरा के थाना प्रभारी आरएल चौहान,फरसाबहार के जेई संदीप लकड़ा लवाकेरा पहुंचें। एसडीएम शबाब खान ने धरने में बैठे ग्रामीणों से सड़क जाम खत्म करने का अनुरोध किया। लेकिन नाराज ग्रामीण सड़क से उठने के लिए राजी नहीं हुए। उनका कहना था कि विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी न तो उनका काल रिसीव करते हैं और ना ही शिकायत पर कोई कार्रवाई। लगभग 1 घंटे तक चले मानमनौव्वल के बाद एसडीएम शबाब खान के बिजली लाइन में सुधार करने के साथ व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद स्टेट हाईवे खुल सका।

कई जगह से क्षतिग्रस्त है लाइन

फरसाबहार ब्लाक के अंकिरा से लवाकेरा के बीच 5 किलोमीटर की विद्युत आपूर्ति लाइन घने जंगल से होकर गुजरी है। मानसून पूर्व मेन्टेनेंस का कार्य ना होने के कारण वर्षा और हवा के कारण आपूर्ति लाइन जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रांसफार्मर में भी तकनीकी गड़बड़ी आ गई है। विद्युत विभाग बीते तीन दिनों में इस लाइन की मरम्मत तो दूर,फाल्ट को खोजने का प्रयास भी नहीं किया है। इस पांच किलोमीटर लंबे विद्युत आपूर्ति लाइन की देखभाल के लिए विभाग ने अंकिरा में एक लाइनमैन का पद स्वीकृत किया हुआ है। लेकिन यह पद भी बीते कई महिनों से रिक्त पड़ा हुआ है। सड़क जाम खत्म कराने के लिए पहुंचे विद्युत विभाग के अधिकारियों से जब आक्रोशित ग्रामीणों ने इस संबंध में पूछताछ की तो,जिम्मेदार अधिकारी जवाब नहीं दे पाए।

घोर हाथी और सर्प प्रभावित क्षेत्र है लवाकेरा

जशपुर जिले के फरसाबहार ब्लाक का ग्राम पंचायत लवाकेरा,छत्तीसगढ़ और ओड़िशा की अंतरराज्यीय सीमा में स्थित है। इसके आसपास के जंगल में हाथियों का झुंड,साल के बारह महिने डेरा जमाए रहता है। वहीं वर्षा ऋतु में सर्पदंश का खतरा भी बना रहता है। हाथी और सर्पदंश से बचाव में बिजली सहायक सिद्ध होती है। लेकिन इसके गुल होने से ग्रामीणों की कठिनाई बढ़ गई है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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