कांकेर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बकरी चराने जाने वाली नाबालिग किशोरी को डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रशांत कुमार शिवहरे ने 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया है।

चारामा क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी अपनी बकरियों को चराने के लिए पहाड़ी की ओर जाती थी। जहां ग्राम खैरखेड़ा निवासी देवचंद सलाम (24) भी बकरी चराने आता था। 3 जनवरी 2018 को जब नाबालिग किशोरी बकरी चराने गई हुई थी इसी दौरान आरोपित देवचंद ने नाबालिग को डरा धमका कर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद अक्सर वह नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म करता था, पीड़िता के विरोध करने पर वह उसे डराता धमकता था। इसके डर से वह चुप रहती थी। गर्भवती होने पर किशोरी को दुष्कर्म की घटना के बारे में सब कुछ बताना पड़ा।

पीड़िता की मां ने चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन टीम से संपर्क किया और 4 सितंबर 2018 को आरोपी के विरुद्ध लिखित शिकायत चारामा पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने 4 अक्टूबर 2018 को आरोपित को गिरफ्तार कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। शासकीय अधिवक्ता सौरभमणि मिश्रा ने बताया कि प्रकरण का विचारण विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रशांत कुमार शिवहरे के न्यायालय में हुआ। विचारण के दौरान पीड़िता के कथन, परिस्थितिजन्य साक्ष्य व अन्य साक्षियों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त देवचंद सलाम को नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 51 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। साथ ही न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि अपील अवधि के बाद जुर्माने की राशि पीड़िता के पुनर्वास के लिए दी जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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