बड़गांव। प्राकृतिक संसाधन ग्रामीण अंचल के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का साधन होता है। जैसे कि चार बीजा महुआ बास जैसे तमाम प्रकार के प्राकृतिक संसाधन है। जिसके जरिए ग्रामीण अंचल के लोगों की अच्छी खासी आमदनी कर लेते हैं। तमाम प्रकार के वनोपजो की खरीदी सरकार कर रही है। वहीं काफी लंबे अरसे बाद इस साल बांस खरीदी का काम भी जारी हुआ है। लेकिन उनका मेहनताना नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।

मंगलवार सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने नदीचुआ से कुली मार्ग पर बैठकर सड़क जाम कर दिया और कूप से भरकर जा रहे बांस वाहन को रोक दिया। एक-एक कर लगातार तीन बांस गाड़ियां कतार पूर्वक सड़क पर खड़ी रही और सामने सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग है की कूप में ग्रामीणों ने जो काम किया है। चाहे वह रास्ता बनाने का कार्य हो या बांस की कटाई या अन्य संबंधित जो कार्य ग्रामीणों ने किए हैं उनका मेहनताना उनकी मजदूरी उन्हें दिया जाए।

अधिकारियों की वार्तालाप की पहल रही असफल-ग्रामीणों द्वारा सड़कजाम करने की खबर मिलते ही वन विभाग की सात सदस्यी दल मौके के लिए रवाना हुई। तकरीबन सात घंटे बाद स्थानीय वन विभाग के आला अफसरों की टीम मौके पर पहुंची। जिसमें भारत सलाम, हेमंत समरत, एमआर ताम्रकार, अरविंद वाल्डे, देवलाल पुरामे शामिल रहे। काफी मान मंनौवल के बाद भी अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों के साथ वार्तालाप की पहल असफल रही।

ग्रामीण अपनी एक सूत्री मांग पर अड़े रहे कि उन्हें तत्काल नगद भुगतान कराया जाए अन्यथा कूप से एक भी बांस ले जाने नहीं दिया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रमुख मंगल पुड़ो, पांडु राम, दुखु नरेटी ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात चीत की।उच्च अधिकारियों ने पंद्रह दिन के भीतर भुगतान कराने का आश्वासन दिया और सड़कजाम खत्म करने की बात कही। परंतु ग्रामीणों की मांग थी कि विभाग के उच्च अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्तालाप करें और भुगतान संबंधी संतोषजनक आश्वासन दें।इसके उपरांत प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियो को कहा कि स्वयं आकर वार्तालाप करें।

सड़क जाम पर बैठे कुली ग्राम सभा अध्यक्ष पांडुराम सलाम, दुखुराम नरेटी, सनकेर सलाम, मंगल पुड़ो, मंगूराम नुरूटी, साधु कोवाची, दानु राम कुमेटी, नारशु जाड़े, अर्जुन दर्रो, सुकदेर हुपेंडी, इंदू राम बोगा, बेरकोट पटेल ने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियो को कई बार अवगत कराया गया है कि नकद भुगतान किया जाए अन्यथा बांस निर्यात नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने भुगतान का आश्वासन भी दिया। परंतु कई महीने बीत गए पर किसी को अबतक भुगतान नहीं हुआ। विभाग के अफसर सिर्फ झूठे आश्वासन देकर भोले भाले आदिवासियों को ठग कर कूप से बांस ले जा रही है। जिसे हम बर्दास्त नही करेंगे। जल्द ही हमारा बकाया भुगतान नही होता तो बड़े रूप से आंदोलन किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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