कांकेर। बारिश के मौसम शुरू होते ही कई मौसमी सब्जियां बाजार में आती है, लेकिन बादल की गर्जना के साथ बाजार में पहुंचने वाला बोड़ा बस्तर की सबसे महंगी सब्जियों में से एक है। बारिश के साथ ही बोड़ा बाजार में पहुंच गया, लेकिन यह आम आदमी की पहुंच से दूर नजर आ रहा है। महंगे दाम के बाद भी बाजार में बोड़ा की मांग बनी हुई है और बोड़ा प्रेमी को बोड़ा की खरीददारी कर रहे हैं।

मानसूनी बारिश शुरू होते ही साल वृक्षों के नीचे ही बोड़ा की पैदावार होती है। बस्तर को सालवनों का द्वीप कहा जाता है। कोंडागांव क्षेत्र में साल के वृक्ष बहुतायत में हैं। जिसके चलते कोंडागांव क्षेत्र में बोड़ा बड़ी मात्रा में मिलता है। बारिश का मौसमय शुरू होने के बाद कांकेर में भी बोड़ा की आवाक शुरू हो गई है। रविवार को कांकेर में बोड़ा 1200 रुपये किलो बिका। महंगे दाम के चलते ये आम लोगों की पहुंचे से फिलहाल दूर है, लेकिन महंगे दाम के बाद भी बोड़ा की मांग कम नहीं हुई और लोग बोड़ा की खरीददारी करते नजर आए।

बोड़ा खरीदने पहुंचे अनिल पटेल ने बताया कि शुरूआती दिनों में बाजार में आने वाला बोड़ा नरम और स्वादिष्ट होता है। जिसके चलते बारिश के बाद बाजार में पहुंचने पर बोड़ा की मांग अधिक होती है और दाम भी अधिक होता है। जिसके बाद बोड़ा की आवक लगातार बनी रहती है, लेकिन समय के साथ बोड़ा का ऊपरी परत सख्त हो जाता है और स्वाद में भी कमी आ जाती है।

पोषक तत्वों से भरपूर : बोड़ा साल वृक्षों के नीचे पैदा होने वाला एक प्रकार का वनोपज है। बादलों की गर्जना के साथ बारिश होने से बोड़ा स्वतः जमीन के अंदर आकार लेता है। स्थानीय ग्रामीण धरती को खोदकर बोड़ा निकालते है। बोड़ा की सब्जी स्वादिष्ट होती है। साथ ही बोड़ा में कई खनिज लवण और काबरेहाईड्रेट भरपूर मात्रा में होता है, जो फायदेमंद होती है। जिसके चलते ही बोड़ा की मांग अधिक रहती है और शुरूआती दौर में बोड़ा 1200 रुपये किलो के दाम पर बिक रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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