अंतागढ़। लोक आस्था का महापर्व छठ गुरुवार को सुबह सूर्य देव की आराधना के साथ पूर्ण हुआ। अंतागढ़ के स्थानीय नदी पर बने छठ घाट पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कुछ सालों पहले यह त्योहार अंतागढ़ में पूर्वांचल से आकर बसे कुछ परिवार के लोगों द्वारा ही मनाया जाता था, किंतु आज यह त्योहार अंतागढ़ में अन्य समाज के लोगों द्वारा भी उत्साह एवं आस्था के साथ मनाया जाने लगा है।

परंपरा के अनुसार लोग नदी किनारे घाटों पर आते हैं और भगवान सूर्य की आराधना करते हैं। बांस के बने सुपर टोकनी में पूजा की सामग्री के साथ फल व फूल लेकर लोग घाटों पर आते हैं, और अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य देव और छठी माई की आराधना करते हैं। छठ का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है 36 घंटे से लोग यहां बिना कुछ खाए पिए व्रत रखते हैं मन्नत मांगते हैं। साथ ही पूजा पौराणिक विधि से करते हैं। चूंकि यह छठ महापर्व पूर्वांचल पर विशेष रूप से मनाया सदियों से मनाया जाता रहा है, परंतु अब यह केवल पूर्वांचल का ही त्यौहार नहीं बल्कि देश विदेश में भी इस त्यौहार को पूरे विधि विधान के साथ उत्साह पूर्वक मनाया जाता है। आपको बता दें यह पर्व चार दिन का होता है, जिसमें पहला दिन नहाए खाए का होता है, दूसरा दिन होता है खरना का, तीसरा दिन छठ पूजा जिसमें अस्तगामी में सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है साथ ही आस्था की प्रथम डुबकी भी लगाई जाती है वहीं चौथे दिन सुबह का अर्घ्य देकर पारण के साथ ही इस पर्व की समाप्ति होती है। छठ महापर्व ही एक ऐसा पर्व है जहां डूबते सूरज की भी पूजा की जाती है। मान्यता ऐसी अभी है की छठी माई भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र व सूर्य देव की बहन है, व पूरे विधि विधान से सूर्यदेव छठी माई की करने पर मांगी हुई हर मुराद पूरी होती है।

राजातालाब में सुबह से ही जुट गए थे लोग

भानुप्रतापपुर में चार दिनों तक चले इस पर्व के आखिरी दिन आज सुबह से ही राजा तालाब भानुप्रतापपुर में भी भक्त सुबह से ही छठ घाट पर एकत्रित होकर कोसी भरते नजर आए। साथ ही घाट के लिए बने तालाब में छठ व्रतियों ने डुबकी लगाई, फिर सूर्य उदय होने के बाद भक्तों ने अर्घ देकर छठ महापर्व का समापन किया। सुबह से ही नदियों, तालाबों और घाटों पर व्रतियों की भीड़ उमड़ी दिखाई दी और श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सुबह से ही उमड़े रहे। दरअसल छठी मइया के पर्व में सूर्य को अर्घ्य देने का बहुत अधिक महत्व है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local