भानुप्रतापपुर। परिवहन संघ भानुप्रतापपुर के चक्का जाम के ऐलान के बाद परिवहन संघ और प्रशासन के बीच सुबह चार बजे जबरदस्त झड़प हो गई। संघ ने आरोप लगाया कि उनके कई सदस्यों को स्थानीय प्रशासन के द्वारा मारा पीटा गया। परिवहन संघ के द्वारा अपनी घोषणा के अनुरूप सुबह चार बजे से चक्का जाम की तैयारी की जा रही थी। उसी दौरान एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस अमला मुख्य चौक में पहुंच गया, और जाम को हटाने की कवायद शुरू कर दी।

संघ का आरोप है कि इसी दौरान कई लोगों से मारपीट की गई और दमनपूर्वक आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया। इस कार्रवाई के बाद संघ के सदस्यों में आक्रोश व्याप्त हो गया, और वह पुलिस की परवाह ना करते हुए मुख्य चौक में धरने पर बैठ गए। संघ के अध्यक्ष गुरदीप सिंग ढींढसा ने कहा कि अब तो हम आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं, जब तक हमारी मागें नहीं मानी जातीं तब तक धरना जारी रहेगा।

वहीं दूसरी ओर एसडीएम जितेंद्र यादव ने मारपीट की घटना से इंकार करते हुए संघ को वार्ता के लिए बुलाया। इसके बाद परिवहन संघ के द्वारा भानुप्रतापपुर के चारों ओर जाने वाली सड़कों पर अपनी ट्रक में लगवा कर चक्का जाम कर दिया। हर सड़क पर डेढ़ से दो किमी की दूरी तक ट्रकों को सड़क अवरुद्ध करने के लिए लगा दिया गया। सैकड़ों ट्रकें चारों मार्गो पर तिरछी लगाकर छोड़ दी गई, जिससे यातायात पूर्णता अवरुद्ध हो गया। इसके अलावा नगर के मुख्य चौक पर परिवहन संघ के द्वारा टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया और लगभग 400 से 500 ट्रांसपोर्टर इस आंदोलन में सहभागिता के लिए लगातार उपस्थित थे।

इस बीच लगातार तनाव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर सुरेंद्र प्रताप वैद भानुप्रतापपुर पहुंचे, उनके द्वारा लगातार परिवहन संघ से वार्ता कर चक्का जाम की स्थिति टालने तथा तनाव को कम करने की कोशिश की गई, परंतु दिन भट में हुई तीन दौर की वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकल पाया। परिवहन संघ अपनी एक सूत्रीय मांग पर अड़ा रहा। जबकि प्रशासन इस मामले में मध्यस्थथा की भूमिका निभाते हुए परिवहन ठेकेदार से बात कर मामले को सुलझाने का प्रयत्न करता रहा परंतु देर शाम तक इस मसले का हल नहीं निकल पाया है और परिवहन संघ अब तक चक्का जाम पर अड़ा हुआ है।

परिवहन संघ के द्वारा रात को मुख्य चौक पर टेंट लगाकर रात्रि विश्राम की तैयारियां भी की जा रही है। जबकि इस आंदोलन में शामिल होने वालों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है। परिवहन संघ आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है, वहीं जिला प्रशासन भी मामले को सुलझाने के लिए लगातार प्रयासरत है। समाचार लिखे जाने तक चक्का जाम को लगभग 14 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, और इसके और भी लम्बा खिचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं परिवहन संघ के आह्वान पर नगर के व्यवसाइयों ने अपनी प्रतिष्ठानें बन्द रख कर संघ को अपना समर्थन दिया।

क्या है मांग

परिवहन संघ लगातार मांग कर रहा है कि उन्हें दुर्गुकोंडल विकासखंड के मोनेट इस्पात में परिवहन के लिए 25 प्रतिशत के अनुपात में कार्य दिया जाए जबकि उन्हें महज 15 प्रतिशत कार्य दिया गया है। संघ के अनुसार इसके पास ही अन्य लौह अयस्क खदान में 25 प्रतिशत का अनुपात से कार्य दिया जा रहा है परंतु इसके विपरीत मोनेट इस्पात में महज 15 प्रतिशत का कार्य दिया जा रहा है जोकि सरासर अनुचित है और स्थानीय लोगों के हितों पर कुठाराघात है जबकि ठेकेदार के द्वारा खुद 30 प्रतिशत परिवहन का कार्य लिया गया है। जब तक परिवहन संघ भानूप्रतापपुर का परिवहन का अनुपात बढ़ाकर 25 प्रतिशत नहीं कर दिया जाता तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

तीन दौर की वार्ता विफल

इस अपरिहार्य स्थिति के बाद जिला प्रशासन के द्वारा परिवहन संघ भानूप्रतापपुर को मनाने की लगातार कई कोशिशें की गई इसके लिए दिन में तीन दौर की वार्ता अधिकारियों एवं परिवहन संघ के बीच हुई परिवहन संघ इस बात पर आ रहा कि उन्हें 25 प्रतिशत अनुपात में परिवहन करने दिया जाए जबकि प्रशासन परिवहन ठेकेदार से वार्ता करने के उपरांत भी कोई निर्णय नहीं ले पाया अंतिम दौर की वार्ता में परिवहन ठेकेदार दीपेश चोपड़ा को भी सम्मिलित किया गया।

दीपेश चोपड़ा ने कहा कि मैं पांच प्रतिशत अनुपात बढ़ाने को तैयार हूं जबकि शेष पांच प्रतिशत खदान मालिकों से बात कर बढ़ा दूंगा । इस बात पर परिवहन संघ ने कहा कि अपनी बात लिखित में दें जिससे दीपेश ने इंकार कर दिया और कहा कि जब तक खदान के उच्चाधिकारियों व मालिकों से बात नहीं होती तब तक मैं कोई बात लिखित में नहीं दे सकता हूं इसके बाद यह तीसरे दौर की अंतिम मारता भी विफल हो गई।

यात्री हुए परेशान

परिवहन संघ के इस चक्का जाम के चलते भानूप्रतापपुर की चारों सड़कों पर आने-जाने वाले यात्री बेहद परेशान हुए अचानक हुए इस चक्काजाम से लोगों को कुछ समझ में नहीं आ रहा था बहुत से यात्री दो से तीन किमी की दूरी इस तपती धूप में पैदल चलकर तय करते हुए भानूप्रतापपुर पहुंचे। कांकेर की तरफ से आने वाले यात्री सर्वाधिक परेशान हुए उन्हें भानूप्रतापपुर से लगभग ढाई किलो मीटर की दूरी पर स्थित ग्राम राम वाही में यात्री बसों व टैक्सियों द्वारा छोड़ दिया गया क्योंकि वहां से सड़कों पर ट्रकों के द्वारा मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया था।

परिवहन संघ ने की मदद

परिवहन संघ ने लगातार ऐसे यात्रियों की मदद की गई जिन्हें बेहद परेशानी थी 30 से 40 लोगों को परिवहन संघ के लोगों ने अपनी वाहनों में उनके गंतव्य तक पहुंचाया वही भूखे-प्यासे यात्रियों के लिए परिवहन संघ में भोजन व पानी की भरपूर व्यवस्था भी की परिवहन संघ के अध्यक्ष गुरदीप सिंह इंसान ने कहा है कि यदि आंदोलन कल भी जारी रहा तो हमारी गाड़ियां चारों मार्गों पर तैनात रहेंगी और यात्रियों को दूसरे छोर तक पहुंचाने का कार्य करेंगे ताकि किसी को कोई परेशानी ना हो इसके अलावा जरूरतमंदों के लिए भोजन पानी की पूरी व्यवस्था परिवहन संघ के द्वारा की जाएगी।

हो सकती है कड़ी कार्रवाई

बहरहाल स्थिति जस की तस बनी हुई है, परिवहन संघ अपनी मांग पर अड़ा हुआ है वहीं ठेकेदार भी जिद नहीं छोड़ रहा है, ऐसे में प्रशासन के समक्ष बहुत बड़ा धर्मसंकट खड़ा हो गया है। आंदोलन और लम्बा खिंचा तो प्रशासन के द्वारा कठोर कार्यवाही की जा सकती है, परन्तु ऐसे में स्थिति और भी अधिक खराब हो सकती है। पर फिलहाल इस लड़ाई में आम जनता जरूर परेशान हो रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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