कांकेर। स्कूलों के खुलने के साथ ही बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाली बसें भी सड़क पर दौड़ने लगी है। सड़क पर दौड़ रही इन स्कूल बसों की जांच यातायात पुलिस द्वारा की गई। जांच में स्कूल बसों में कई खामियां पाई गई। जिन स्कूल बसों का संचालन नियमानुसार नहीं किया जा रहा था ऐसी स्कूल बसों के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दिया गया है और कमी को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्कूल बसों में छात्र छात्राओं की सुरक्षा हेतु दिए गए निर्देशों के परिपालन में रविवार को कांकेर के विभिन्ना स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की यातायात पुलिस कांकेर द्वारा की गई। इस दौरान 23 स्कूल बसों का जांच की गई। जांच में जेपी इंटरनेशनल स्कूल से आठ, सेंट माइकल स्कूल से छह, पैराडाइज स्कूल से तीन, जुपिटर वर्ल्ड पब्लिक स्कूल से दो और शिडलिंग पब्लिक स्कूल, सनराइज पब्लिक स्कूल, चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर से एक-एक स्कूल बस जांच के लिए पहुंची थी।

स्कूल बसों के जांच के दौरान कुल 13 बसों में पैनिक बटन नहीं होना पाया गया। 10 बसों में परमिट का म्याद खत्म होने से परमिट के लिए आवेदन किया जाना पाया गया। पांच बसों में फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं होना पाया गया। दो वाहन चालकों के पास पांच वर्ष से कम का अनुभव होना पाया गया। जिन वाहनों में जांच के दौरान मानकों के अनुरूप कमी पाई गई, ऐसे वाहनों को स्कूल बस के रूप में संचालन को प्रतिबंधित किया गया है। दस्तावेज पूर्ण करने उपरांत दस्तावेज दिखाकर वाहन को स्कूल बस के रूप में संचालन करने की समझाइश दी गई। जांच दल में यातायात प्रभारी निरीक्षक महेश साहू, सहायक उपनिरीक्षक केजूराम रावत, महावीर मिश्रा, प्रधान आरक्षक अभिषेक दुबे और आरक्षक हेम सिंह कुमेटी शामिल थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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