अंतागढ़(नईदुनिया न्यूज)। अंतागढ़ तहसील को जिला बनाने की मांग पिछले कई दसकों से क्षेत्रवासी कर रहे है। अंतागढ़ क्षेत्रवासी पिछले 18 अगस्त 2021 से अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग शुरू किया था। जो मैराथन आंदोलन धरना प्रदर्शन सड़कजाम क्षेत्रवासियों द्वारा किया गया था। जो लगभग 136 दिनों तक लगातार चला था। उसके बाद कोरोना को देखते हुए आंदोलन को स्थगित किया गया। अंतागढ़ के क्षेत्रवासी एक बार फिर पांच अगस्त से जिला बनाने के लिए सर्वसमाज, सर्वदलीय के बैनर तले दोबारा शहीद वीरनारायण चौक पर पंडाल लगाकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग आज और कल की नहीं है। जिला बनाने लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। शासन-प्रशासन को विगत एक दशक से अधिक समय से अवगत कराते रहे है लेकिन आज भी अंतागढ़ उपेक्षा का शिकार होता आया है। इसलिए आज क्षेत्रवासी आरपार की लड़ाई लड़ने अपने हक लेने लड़ाई शुरू कर दिए है। और हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। अगर अंतागढ़ जिला बन जाता है तो बेहतर तरीके से क्षेत्र का विकास होगा,रोजगार की अपार संभावनाएं होगी।

जिला बन जायेगा तो शिक्षा, स्वास्थ्य मूलभूत सुविधाएं गांवों तक आसानी से पहुंचेगा। इस कारण से अंतागढ़ को जिला बनाना चाहिए अगर अब भी अंतागढ़ को जिला का दर्जा नहीं दिया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने बाध्य होंगे। क्षेत्रवासियों के द्वारा धरना प्रदर्शन कर जिला की मांग को लेकर अंतागढ़ एडिशनल कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप सेबद्री गावड़े, बीर सिंह उसेडी, विश्राम गावड़े, राकेश गुप्ता, मुकेश ठक्कर, अखिलेश चंदेल, संतराम सलाम, अकालूराम पवार, माखन सिंह, सोनू साहू, ज्योति स्वरूप कर्मकार, माखन सिंह कुलदीप, अविनाश, जयंत पानीग्राही, गनविरे, प्रीत राम पटेल, घनश्याम रामटेके, कुलदीप खापर्डे, हेमंत कश्यप, अनित, वीरेंद्र पटेल, विजय साहू उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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