अंतागढ़(नईदुनिया न्यूज)। बैंड-बाजों की धुन के साथ भक्त अगले साल गणेश जी के फिर आगमन की कामना को लेकर बप्पा को विदाई दे रहे हैं, अन्तागढ़ में भी मोहल्लों में रखे गणेश जी की प्रतिमा के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। ज्ञान और सद्बुद्घि के दाता गणेश जी आज अनंत चतुदर्शी पर विदा होते हैं। सुबह से ही गणेश विसर्जन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बैंड-बाजों की धुन के साथ भक्त अगले साल गणेश जी के फिर आगमन की कामना को लेकर बप्पा को विदाई दे रहे हैं।

गणेश विसर्जन से पहले जान लीजिये विधि और पूजा का शुभ मुहूर्त पंडित एमन प्रसाद मिश्रा ने बताया गणेश विसर्जन के दौरान कुछ खास चीजों का ध्यान रखें। विसर्जन से पहले उन्हें स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएं. रेशम के कपड़े में मोदक, दूर्वा घास, सुपारी और दक्षिणा बांधकर रखें। इस बंधी हुई पोटली को भगवान गणेश की मूर्ति के साथ रखें और भगवान गणेश की पूजा करें। जलकुंड के पास पहुंचकर मूर्ति को पश्चिम दिशा में बांधे गए रेशमी कपड़े की पोटली के साथ विसर्जित करें। 10 सिंतबर से गणेश उत्सव का शुभारंभ हुआ था। इस दौरान जगह-जगह गणेश जी की झांकियां संजाई गईं।

भंडारे और भजन आदि का आयोजन पूरे 10 दिन तक हुआ। इसके बाद आज गणेश जी विदाई ले रहे हैं. मान्यता है कि विसर्जन के साथ बप्पा अपने सभी भक्तों के दर्द, पीड़ा और जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं। अंतागढ़ में कोरोना काल के बाद से लगभग सभी धार्मिक आयोजनों में ग्रहण लग गया था किंतु दो साल बाद भक्तों को इन आयोजनों को करने की कुछ छूट मिली है और आज गणेश विसर्जन में निकली लोगों की भीड़ और उत्त्साह पिछले दो सालों के कसर निकालनर जैसा ही था। नयापारा, शिवमंदिर चौक, गढ़पारा,उपरपारा एवं श्याम नगर की गणेश मंडलियों ने डीजे के साथ पूरी भक्ति के साथ गणपति बप्पा को विदा किया, इस विदाई में कुछ लोगों की आंखों में आंसू थे तो गणपती बप्पा के अगले बरस आने की कामना के साथ उत्त्साह से झूम रहे थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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