भानुप्रतापपुर। नईदुनिया न्यूज

ग्राम पंचायत कच्चे में रविवार को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में आरीडोंगरी माइंस प्रबंधन द्वारा बिना किसी सूचना के 18 जुलाई से अचानक खदान बंद कर दिए जाने पर चर्चा किया गया। इसमें माइंस से जुड़े मजदूर, कर्मचारी व ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बताया कि खदान प्रबंधन का कहना है, कि खदान चौबीसों घंटे चलना चाहिए, तभी इसे अनवरत चलाया जाएगा, अन्यथा बंद कर दिया जाएगा। जबकि इस मामले में पूर्व में ग्राम पंचायत व ग्रामीणों द्वारा चौबीसों घंटे खदान चलाने का भारी विरोध किया जा चुका है और इतना अधिक काम किए जाने से मना कर दिया गया था।

इसके बावजूद खदान प्रबंधन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है, पहले जब यह बात उठी थी, तब प्रबंधन के द्वारा ही काम सुचारू रूप से चले, इस पर विचार करते हुए तीन शिफ्ट में 15 सौ मजदूरों व कर्मचारियों को बांटा गया था। जिसमें पहली शिफ्ट सुबह 5 से 12 तथा दूसरी शिफ्ट 12 से 7 बजे तक व तीसरी शिफ्ट देर शाम 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक निर्धारित किया गया था। इस तरह प्रबंधन व ग्रामीण व मजदूरों के तालमेल से तीन शिफ्ट में काम चल रहा था। परंतु प्रबंधन द्वारा अचानक चौबीसों घंटे काम चलाने की बात कह कर खदान बंद कर दिया गया है।

साथ ही कंपनी द्वारा यह धमकी भी दी जा रही है, कि अनिश्चित काल के लिए खदान बंद कर दिया जाएगा। जिसका विशेष बैठक में सभी ग्रामीणों ने भारी विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी में खदान चलाने की क्षमता नहीं है, आप यहां से अपना बोरिया बिस्तर समेट सकते हैं। हम कंपनी के तानाशाह रवैया से बिल्कुल भी नहीं झुकेंगे। ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया, कि खदान प्रबंधन के इस तानाशाह रवैया की जानकारी पत्र के माध्यम से शासन प्रशासन को दिया जाए, ताकि प्रबंधन के मनमाने रवैए जिसके कारण 1500 मजदूर बिना काम के भटक रहे हैं, उनके लिए शासन प्रशासन के नुमाइंदे कुछ कर सकें, खदान के भरोसे ट्रकें लगाने वाले भी बेहद चिंतित हैं, उन्हें भी इस मामले में प्रशासन के हस्तक्षेप की उम्मीद है।

इस ग्राम सभा बैठक में हरीराम कोड़ो, रतन मंडावी, जितेंद्र जायसवाल, गौतम उइके, जीवराखन सलाम, नंदलाल जायसवाल, नेतराम साहू, खिलावन आचला, विजय टांडिया, शैलेंद्र पूनिया, विजय शोरी, धरमू राम उइके, अमर कचलाम व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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