कांकेर(नईदुनिया न्यूज)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत चिरायु टीम द्वारा विभिन्ना श्रेणी के चिन्हांकित बच्चों जैसे-जन्मजात विकृति, कटेफटे होंठ, तालू छेद, क्लबफुड, जन्मजात मोतियाबिंद आदि गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों एवं मानसिक दिव्यांग व अन्य सभी दिव्यांग बच्चों सहित शिक्षा विभाग द्वारा चिन्हांकित बीमार बच्चों का रायपुर से पहुंचे विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया गया।

विशेषज्ञ डाक्टर द्वारा और मेडिकल कालेज कांकेर के विशेषज्ञ डाक्टरों ने निश्शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। इसके लिए मातृ-शिशु रोग विभाग अलबेलापारा कांकेर में दो दिवसीय निश्शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर एवं नरहरपुर विकासखंड से पहुंचे 470 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। शिविर में सीएचडी के 37, क्लब पैर के छह, दृष्टि दोष के 31, न्यूरो मोटर हानि के 59, डाउन सिंड्रोम के तीन, जन्मजात हिप विकृति के चार, भाषण एवं भाषा में देरी के तीन, सीखने में देरी के छह, संज्ञानात्मक विलंब के सात, आटिज्म के आठ, गुरदे की बीमारी के नौ, रीढ़ की हड्डी की समस्या के 10, श्रवण दोष के 11, जन्मजात मोतियाबिन्द के 12, जन्मजात बहरापन के 13, समयपूर्वता की रेटिनोपैथी के 14, आर्थो संबंधित के 15, दांत से संबंधित के 16, त्वचा संबंधित के नौ, गंभीर कुपोषित के 36, नाक-कान-गला के सात और अन्य बीमारियों से संबंधित 154 बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार मेगा स्वास्थ्य शिविर में किया गया। शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत के सदस्य नरोत्तम पडोटी, नगरपालिका परिषद कांकेर के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र ठाकुर, मेडिकल कॉलेज कांकेर के डीन एम.एल. गर्ग सहित शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

इतने लोगों को मिला लाभ

आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा 30 दिव्यांग बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा 160 दिव्यांग बच्चों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्ना स्कूलों से 342 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, इनमें नरहरपुर विकासखंड के 72, चारामा विकासखंड के 49, भानुप्रतापपुर के 125 और कांकेर विकासखंड के 96 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना शामिल है।

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