अंतागढ़ । प्राकृतिक आपदा के रूप में आए बेमौसम बारिश की वजह से तबाही के कगार पर खड़े प्रदेश के किसानों के साथ भूपेश बघेल की सरकार दोहरा व्यवहार करने में लगी हुई है। यह आरोप अंतागढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष राधेलाल नाग ने लगाया है।

धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करने कोयलीबेड़ा पहुंचे राधेलाल नाग ने किसानों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। राधेलाल नाग ने कहा कि एक तरफ तो राज्य सरकार इस बार समर्थन मूल्य पर 105 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड धान उपार्जन की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर किसानों को मजबूर किया जा रहा है कि वे खुद से बारदाने लेकर आए। धान खरीदी के वक्त बारदाने की व्यवस्था करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं दूसरी ओर यह सरकार केंद्र सरकार पर पर्याप्त बारदाने मुहैय्या नहीं कराने का आरोप लगा रही है। राधेलाल नाग ने कहा कि राज्य सरकार 30 प्रतिशत बारदाना किसानों से मांग रही है, जिसकी कीमत मार्केट में 40 से 50 रुपये प्रति बारदाना है। राधेलाल नाग ने कहा कि स्थिति तो यह है कि जिन किसानों ने गत वर्ष बारदाना धान खरीदी के लिए दिया था उसका भुगतान आज तक लंबित है। इसलिए हम मांग करते हैं कि राज्य सरकार किसानों का लंबित भुगतान अविलंब जारी करें और बजाए किसानों को खुद से बारदाने लाने के लिए इसकी व्यवस्था खुद करें। नहीं तो किसानों को 60 रुपये प्रति बारदाने के दर पर बघेल सरकार भुगतान करें।

बारदाने की समस्या जल्द दूर हो : आप

पहले सूखा उसके बाद अचानक नवंबर में प्राकृतिक आपदा के रूप में आए बेमौसम बारिश से तबाही के कगार पर खड़े प्रदेश के किसानों के साथ भूपेश बघेल की सरकार छल करने में लगी हुई है। पहले अव्यवस्था एवं अब बारदाने की कमी का हवाला देकर डराया जा रहा है। एक तरफ तो राज्य सरकार इस बार समर्थन मूल्य पर 105 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड धान उपार्जन की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को मजबूर किया जा रहा है कि वे खुद से बारदाने लेकर आए। धान खरीदी के वक्त बारदाने की व्यवस्था करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं दूसरी ओर यह सरकार केंद्र सरकार पर पर्याप्त बारदाने मुहैय्या नहीं कराने का आरोप लगा रही है। भाजपा लगतार केंद्र की मोदी सरकार को बचाने में लगी हुई है। प्रदेश के अन्नादाताओं के साथ हो रहे इस धोखा से किसान और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता काफी दुखी हैं। उपर्युक्त बातें आप के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेण्डी ने कही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 30 प्रतिशत बारदाना किसानों से मांग रही है, जिसकी कीमत मार्केट में 40 से 50 रुपये प्रति बारदाना है। कोमल हुपेण्डी ने कहा है कि स्थिति तो यह है कि जिन किसानों ने गत वर्ष बारदाना धान खरीदी के लिए दिया था उसका भुगतान आज तक लंबित है। इसलिए आप मांग करती है कि राज्य सरकार किसानों का लंबित भुगतान अविलंब जारी करे और बारदाने की व्यवस्था खुद करें। नहीं तो किसानों को 60 रुपये प्रति बारदाने के दर पर भुगतान करें। वहीं प्रदेश प्रवक्ता परवेज राजा खान ने कहा कि बारदाने और खरीदी केंद्रो पर टोकन की समस्या है। इसके अलावा अन्य अव्यवस्थाओं को दूर करें नहीं तो आपके कार्यकर्ता किसानों के साथ मिलकर संबंधित अधिकारी एवं नेताओं को घेरने में वक्त नहीं लगाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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