0- सरस्वती योजनाः कांकेर जिले में सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में नवमीं की छात्राओं को दी जानी है सुविधा

छोटेकापसी। नईदुनिया न्यूज

सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को दी जाने वाली साइकिल इस सत्र में अब तक कोयलीबेड़ा ब्लॉक में नहीं बांटी गई है, जबकि अगले माह से नए सत्र शुरू हो जाएगा। जिले में सरकारी और अनुदान प्राप्त हाईस्कूलों की नवमीं में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल दिया जाना है। इसके लिए शासन ने सरस्वती साइकिल योजना बनाई है।

कोयलीबेड़ा के अंतर्गत आने वाली कुछ हाईस्कूल के प्राचार्य ने बताया कि हमारे पास इस साल साइकिल वितरण करने के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं आई है, और साइकिल कब तक बांटेगी, हमें इस विषय पर कोई भी सूचना उच्च अधिकारी से आज तक नहीं मिली है।

गौरतलब है कि नया सत्र शुरू होने में चंद रोज बाकी रह गए हैं। वहीं अभी भी ब्लॉक कार्यालय में साइकिल से संबंधित कोई भी जानकारी किसी के पास नहीं है। संबंधित विभाग के अधिकारी भी इस संबंध में गोलमोल जवाब मिलता है। सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए शासन द्वारा मुक्त्त में नववीं के छात्राओं को साइकिल वितरित की जानी थी। मगर ताज्जुब की बात है कि जिले में साइकिल वितरण का अभियान कुछ ब्लॉक में सत्रांत में शुरू किया गया। जबकि कोयलीबेड़ा की छात्राओं को इस बार साइकिल नहीं दी गई। अलबत्ता नववीं की छात्राओं को सहूलियत देने के लिए शासन की साइकिल वितरण का यह अभियान खुद सरकार की उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है।

शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी जिनके आवास स्कूलों से कम से कम दो किमी दूर रहते हैं। उन्हें सहूलियत और सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए शासन द्वारा साइकिल वितरण का अभियान चलाया गया। सत्र 2019-20 में नौवीं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को साइकिल वितरित की जानी थी। शासन के कैलेण्डर के अनुसार जो विद्यार्थी आठवीं पास कर नए सत्र में प्रवेश लिए हैं, उन्हें सत्र के शुरुआती दौर में ही साइकिल वितरित किए जाने का नियम है।

शासन और जिला शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते यह अभियान नया सत्र में ही शुरू होने होता है। ऐसे में सत्रांत में साइकिल वितरण करना सरकार और सर्व शिक्षा अभियान की योजनाओं पर सवाल खड़े करता है। देखा जाए तो जो योजना छात्र हित के लिए शुरू की गई हैं। उनके प्रति स्कूल शिक्षा के विस्तार एवं पढ़ाई से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का दावा करने वाली सरकार की पोल खुल गई है।

(बॉक्स- 1) छात्राएं कर रही इंतजार

कोयलीबेड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली हाईस्कूल की छात्राओं ने बताया कि हमें आठवीं पास करने के बाद खुशी हुई थी कि अब हम 9वीं में पढ़ने जाएंगे तो हमें नई साइकिल सरकार के तरफ से मिलेगी पर हमारी खुशी को ग्रहण लग गया लगता है। हमें इस साल साइकिल नहीं मिली हमें स्कूल जाने के लिए दूसरे पर आश्रित होना पड़ता है।

(बॉक्स- 2) बीईओ से मिल सकती है जानकारीः पांडे

इस संबंध में डीईओ राकेश पांडे ने बताया कि बीईओ ही साइकिल वितरण में नोडल अधिकारी होता है। इस संबंध में पूरी जानकारी उन्हीं से प्राप्त कर सकते है। मैं इस विषय पर इससे ज्यादा और कुछ नहीं बता पांऊगा।

(बॉक्स- 3) लॉकडाउन के कारण हो गई देरीः बीईओ

इस संबंध पर बीईओ कोयलीबेड़ा ने बताया कि लॉकडाउन के वजह से देरी हो रही है। जिले के कुछ ब्लॉक में साइकिल बांटी गई है। हमारे यहां भी जल्द ही साइकिल का वितरण किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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