कांकेर/ सरोना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ सरकार ने 27 नवंबर से सरकारी मूल्य पर खरीद के लिए टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मगर धान खरीदी के लिए सरकार व प्रशासन की तैयारी पूरी नहीं है। आधे-अधूरे व्यवस्था से सहकारी केंद्रों में किसानों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं खरीदी केंद्रों में साफ्टवेयर अपडेट नहीं किया गया है। जिसके चलते टोकन कटाने में दिक्कतें आ रही है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में साफ्टवेयर अपडेट नहीं किए जाने की समस्या बनी हुई है। जिले के अलग-अलग हिस्सों में आठ नए धान खरीदी केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। अब जिले में कुल 121 खरीदी केंद्र हो गए हैं।

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सरोना के अंतर्गत समर्थन मूल्य में धान खरीदी केंद्र सरोना, ठेमा में शुक्रवार को पहले दिन कई किसान एक दिसंबर से धान बेचने के लिए टोकन कटवाने के लिए आए थे परंतु टोकन नहीं कटने से किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के निर्देश पर 27 नवंबर से टोकन काटने की घोषणा की थी। इसी के चलते समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए किसान सुबह छह बजे से मंडी परिसर खरीदी केंद्र में अपना पटा जमाकर टोकन कटवाने के लिए अपना बारी का इंतजार कर रहे थे परंतु 12 बजे तक एक भी कर्मचारी खरीदी केंद्र में नहीं पहुंचे जिससे किसानों को बिना टोकन कटवाए खाली हाथ लौटना पड़ा।

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81806 किसानों का पंजीयन

इस वर्ष दस हजार से अधिक नए किसानों ने पंजीयन कराया है। वहीं जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष धान का रकबा कुछ कम हुआ है। जिले के साथ पूरे प्रदेश में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हो जाएगी। जिसके लिए किसानों ने पंजीयन भी करा लिया है। जिले में इस वर्ष 10021 नए किसानों ने पंजीयन कराया है। जिसके साथ ही जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 81806 हो गई है। साथ ही इस वर्ष 2467 पंजीयन आनलाइन डाटा न होने, मौत हो जाने, बंटवारे के प्रकरणों के चलते निरस्त भी किया गया। वहीं पिछले वर्ष जिले में 74277 कृषक पंजीकृत थे। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 7529 पंजीकृत कृषक बढ़े हैं। दूसरी ओर जिले में धान के रकबे में कुछ कमी देखी जा रही है। पिछले खरीफ वर्ष में जिले में धान का रकबा 109615.083 हेक्टेयर था। जो इस वर्ष घटकर 107469.53 हेक्टर हो गया है।

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नए खरीदी केंद्रों में सुविधा नहीं

जिले में आठ नए धान खरीदी केंद्रों का शुभारंभ किया गया है मगर शुभारंभ के बाद से अब तक वहां कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराया गया है। केंद्रों में न कंप्यूटर लगाया गया है और न ही किसी प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध है। तो ऐसी व्यवस्था में किसान धान कहां और कैसे धान बेचेंगे।

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सरोना आदिम जाति सेवा सहकारी कार्यालय में शौचालय नहीं

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सरोना खरीदी केंद्रः नईदुनिया

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सरोना का कार्यालय में शौचालय नहीं होने से कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों एवं किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आदिम जाति सेवा सहकारी का भवन बन गया है परंतु शौचालय नहीं बनाया गया है किसान एवं ग्रामीणों ने कार्यालय में शौचालय बनाने की मांग की है।

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साफ्टवेयर अपडेट नहीं: केशव

इस संबंध में प्रबंधक केशव नाग से संपर्क करने पर उनका कहना है कि साफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के चलते पहले दिन टोकन नहीं कट पाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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