पखांजूर। कापसी वन परिक्षेत्र के तहत छीनटोला और मोहला में तालाब का निर्माण मशीनों से करवाया गया था। स्थानीय मजदूरों को विभाग ने दूर रखा ताकि कम समय कम लागत से तालाब का निर्माण कैंपा मद से कराया गया। विभाग के अधिकारी द्वारा छीनटोला गांव के बीचों-बीच निजी भूमि में जो पूर्व से पोखर बना हुआ था उसमें मशीन से कार्य करवाया गया। इसकी जानकारी डीएफओ को देने के बाद जांच करने की बात कही।

मगर मामला जस का तस पड़ा हुआ है। कैंपा मद से तालाबों के निर्माण में कई उद्देश्य रहता हैं वन्यप्राणी को पीने के लिए पानी मिल सके। साथ ही भू-जल स्तर का बढ़ना है। विभाग द्वारा गांव के बीचों बीच निजी भूमि में तालाब का निर्माण करवाकर औपचारिकता निभाई है। जहां पर न वन्य जीवों को सुविधा प्राप्त होगी न आसपास जलस्तर बढ़ेगा। पूर्व से बने तालाब में अभी पानी की कमी दिखाई दे रही हैं।

मजदूरी के लिए परेशान

स्थानीय मजदूरों को नरवा घुरवा विकास योजना के तहत मजदूरी मिलना था चुंकी गांव के पास ही विभाग द्वारा तालाबों का निर्माण करवाया जा रहा था। मगर विभाग ने स्थानीय मजदूरों और जन-प्रतिनिधियों को दूर रख निर्माण कार्य के स्थान पर सूचना बोर्ड भी नहीं लगवाया गया था अब गांव के मजदूरों को मजदूरी के लिए अन्य राज्य जाने को मजबूर है।

यह जंगलों के बीच बनाना रहता हैं निजी भूमि में नहीं हैं मैं इसकी जांच करवाया हूं।

- राजू अग्सिमानी, सीसीएफ, कांकेर।

लागत राशि मुझे नहीं मालूम आप दिनेश बाबू से पूछ लो मुझे याद नहीं हैं आफिस से जानकारी मिल जाएगी।

- जगदीश प्रसाद दर्रो, रेंजर

शांति फाउंडेशन ने बच्ची की पढ़ाई की व्यवस्था कराई

पिछले कुछ सालों से भानुप्रतापपुर नगर में नाबालिग बच्ची भीख मांगा करती थी। सामाजिक संस्था शांति फाउंडेशन ने इस बात की जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि नगर के बाजार पारा में रहने वाली इस बच्ची की मां अर्धविक्षिप्त है, और बाप हमेशा शराब के नशे में डूबा रहता है। जो कि खुद अपने बच्चों को भीख मांगने के लिए भेजते थे।

संस्था कई दिनों से इस पीड़ा दाई अवस्था को व्यवस्थित करने के लिए उच्च अधिकारियों से मिल इस संबंध में जानकारी एकत्र कर शांति फाउंडेशन ने नगर पंचायत अध्यक्ष के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारी को विशेष परिस्थिति में इन बच्चों को आश्रम में रखकर स्कूल में शिक्षा ग्रहण कराने के लिए पत्राचार कर आग्रह किया जिसमें परिस्थिति को देखते हुए अनुमति दे दी गई। बच्ची वही आश्रम में रहकर स्कूली शिक्षा ग्रहण करेंगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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