कांकेर। नईदुनिया प्रतिनिधि

प्याज के बढ़े हुए दाम ने पहले से ही रसोई का स्वाद बिगाड़ रखा था। वहीं अब लहसुन, मिर्च, तेल और दाल के दाम में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। पिछले एक माह इनके दामों में 25 से 50 प्रतिशत दाम बढ़ गए हैं। रोजमर्रा के सामानों के दाम में हो रही बढ़ोत्तरी के कारण आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है।

किचन में रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों के दाम में हो रही बढ़ोत्तरी ने घरों की रसोई का जायका बिगाड़ दिया है। बढ़ रहे प्याज के बाद अब लहसुन, मिर्च, रिफाइन तेल और दलों के दामों ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। जहां एक तरफ सरकार महंगाई को कम करने के वादे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई आम आदमी को खून के आंसू रुला रही है। बाजार में 25 से 30 रुपए किलो के भाव बिकने वाला प्याज 70 रुपये किलो के भाव से मिल रही है। इसी प्रकार लाल मिर्च 150 किलो से बढ़कर 230 किलो तक पहुंचा गया है। 130 रुपये किलो बिकने वाला लहसुन 180 से 200 किलो तक पहुंच गया है। इसी प्रकार रिफाइन तेल के 90 रुपये लीटर से बढ़कर 100 रुपये लीटर, उरददाल व अरहर की दाल 80 रुपये किलो से बढ़कर 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। यही नहीं सब्जियों के दाम में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं जानकारों का मानना है की महंगाई का असर रोजमर्रा के अन्य सामानों में भी देखने को मिलेगा और बढ़ती महंगाई से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद भी कम है। लेकिन जिस तरह महंगाई बढ़ रही है, उससे तो आम आदमी की रसोई का जायका बिगड़ रहा है। बढ़ती महंगाई ने प्याज-लहसून को आम आदमी की रसोई से गायब कर दिया है। गृहणी उगेश्वरी शोरी ने कहा कि जिस तरह महंगाई बढ़ रही है, उससे उनके रसोई का बजट बिगड़ रहा है। साथ ही रसोई का जायका भी बिगड़ रहा है। महीने भर के रसोई के खर्चे में बढ़ोत्तरी हो गई है। आलू, प्याज, दाल, तेज, सब्जी व अन्य सामग्री के दाम बढ़ रहे हैं। सरकार को महंगाई रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। दुकानदार देवेश यादव ने बताया कि पिछले एक माह में लहसून, तेल, दाल व मिर्च के दाम में 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी हुई है।

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जमाखोरों पर नकेल कसने की जरूरत

जानकारों की मानें तो रोजमर्रा की सामानों की दाम बढ़ने के लिए जमाखोर भी जिम्मेदार हैं। जिन सामानों के दाम बढ़ने लगते हैं, तो जमाखोरों के द्वारा बड़ी मात्रा में उस सामान को स्टॉक कर लिया जाता है। जिससे बाजार में सप्लाई प्रभावित होती है और मांग की अनुरूप बाजार में वह सामान नहीं पहुंच पाता है। जिससे दाम और भी बढ़ जाता है। जिसका जामखोर फायदा उठाते हैं और महंगे दामों में सामान बेचते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network