भानुप्रतापपुर। नईदुनिया न्यूज

जिला संघर्ष समिति द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें भानुप्रतापपुर को जिला बनाने के लिए क्रम बध उग्र आंदोलन करने पर चर्चा की गई और यह आंदोलन जिला बनने तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अधिकांश वक्ताओं ने भानुप्रतापपुर के जिला बनने की सभी संभावनाओं का बखान करते हुए नहीं बनाएं जाने को लेकर अपना आक्रोश जाहिर की। फिर सभी के विचारों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात सहित चरणबद्ध आंदोलन की रुपरेखा तैयार किया गया।

स्वतंत्रता दिवस के अभिभाषण में मुख्यमंत्री द्वारा एक जिला और बनाए जाने की घोषणा के साथ भानुप्रतापपुर क्षेत्र में यह बात आग की तरह फ़ैल गई और एक बार फिर भानुप्रतापपुर के साथ छल होने की चर्चा के साथ क्षेत्र में मायूसी छा गई। क्षेत्र के साथ अन्याय क्षेत की राजनीतिक समीकरण सहित चर्चाओं में यहां के जनप्रतिनिधियों को कोसने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसके परिणाम स्वरूप आज जिला निर्माण समिति की बैठक में सभी दलों के जनप्रतिनिधि व्यापारी परिवहन संघ के सदस्यों नगरवासियों ग्रामीण पत्रकार उपस्थित होकर अपने अपने विचार व्यक्त किए। जिसके बाद समिति द्वारा सभी के विचारों को ध्यान में रखते हुए क्रमबद्ध उग्र आंदोलन मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। और यह आंदोलन जिला निर्माण तक सतत जारी रखने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष, मोहन हरदवानी, बीरेश सिंह ठाकुर, बिरेन ठाकुर, ललित सिंह ठाकुर, कोमल हुपेन्डी, कृष्णा टेकाम, चंद्रमौली मिश्रा, हेमंत ध्रुव, सुनील बबला पहाड़ी, नरोत्तम सिंह चौहान, जितेंद्र बेंजामिन, हेमंत ध्रुव, हेम प्रकाश शिवहरे, आधार सिंह ठाकुर, अभय पांडे, रामबाई गोटा, नरेश जैन, प्रदीप जैन, अनंत गोपाल कोठारी, सचिन दुबे, भीखम आरदे, कुंदन साहू, अरविंद जैन, भूपेंद्र सिंह सिद्धु, मनीष एस, मनीष योगी, प्रमिला सोरी, रजिंदर रंधावा, राम लखन शर्मा, रमेश तिवारी, आनंद गोपाल कोठारी, टूपेश कोसमा, शंकरलाल गांधी, जुगल किशोर शर्मा, निर्मल शिवहरे, डाकवर प्रसाद मिश्रा, सनत यदु, जितेंद्र जयसवाल, बुधनु पटेल, लक्ष्मीकांत तिवारी, अखिलेश तिवारी, हितेश तिवारी, ज्वाला प्रसाद जैन, राजकुमार दुबे, सुमन सिन्हा, अजय साहू, जगन्नाथ साहू, विजय धामेचा, आधार सिंह ठाकुर, दिनेश ठाकुर, महेंद्र साहू, अखिलेश तिवारी, ऋषभ गजेंद्र, राजकुमार ठाकुर, रविशंकर त्रिपाठी, समीर खान, शैलेंद्र पुनिया, सुनाराम तेता, मयंक सोनी, मुकेश शर्मा, संजय सोनी, नरेंद्र शर्मा, कस्तूरचंद जैन, ईश्वर साहू, नरेश जायसवाल, भगत शांडिल्य, मनसुखलाल मिश्रा, मोहसिन खान, हरेश चक्रधारी, अरविंद जैन, भगवान सिंह कुंजाम, राकेश देवांगन, राजकुमार पंजवानी सहित बड़ी संख्या में नगर एवं आसपास के ग्रामीण मौजूद थे।

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आंबेडकराईट पार्टी ने कहा भौगोलिक व राजस्व की दृष्टि से दुर्गूकोंदल को जिला बनाना बेहतर

दुर्गूकोंदल। नईदुनिया न्यूज

दुर्गूकोंदल। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को नया जिला बनाए जाने के बाद अब जिले के भानुप्रतापपुर को जिला बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी बीच आंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया ने भी भौगोलिक व राजस्व की दृष्टि से दुर्गूकोंदल को जिला घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई है। इस संबंध में आंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयुक्त सचिव दुर्गाप्रसाद ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कांकेर जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी बड़ा है। जिले के अंतिम छोर में अब तक विकास नहीं पहुंच सका है। आज भी लोग कई मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भौगोलिक तथा राजस्व की दृष्टि से दुर्गूकोंदल, कोयलीबेड़ा, बांदे, पखांजूर क्षेत्र प्राकृतिक वन संपदा, खनिज, इमारती लकड़ी आदि से परिपूर्ण है, जहां से सरकार बड़े पैमाने पर प्राकृतिक संपदाओं की सप्लाई कर राजस्व प्राप्त कर रही है। ग्रामीण जनजीवन में राजस्व का अहम स्थान है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली सहित कई बुनियादी सुविधाओं के लिए राजस्व बेहतर विकल्प है। इसलिए बेहतर होगा कि दुर्गूकोंदल को जिला बनाया जाए, जिससे कोयलीबेड़ा, पखांजूर, बांदे व भानुप्रतापपुर सहित सभी क्षेत्रों को उचित सुविधा मिल सकेगी। यदि हम दूरी के हिसाब से भी देखें तो दुर्गूकोंदल ही उपयुक्त स्थान है।

ठाकुर ने कहा कि दुर्गूकोंदल भौगोलिक दृष्टिकोण से केन्द्र बिन्दु के समान है। खनिज संपदा से परिपूर्ण दुर्गूकोंदल तक पहुंचने में लोगों को भारी सुविधा होगी। वैसे भी दुर्गूकोंदल जिले में सबसे अधिक राजस्व देने वाली जगह बन चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में डीएमएफएसीएसआर मदों का उचित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सरकार करोड़ों का राजस्व तो हासिल कर रही है, किन्तु माइंस क्षेत्र के लोग आज भी कई बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यदि दुर्गूकोंदल को जिला घोषित कर दिया जाता है तो सभी क्षेत्र को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष फायदा होगा। और यदि सरकार दुर्गूकोंदल को जिला घोषित नहीं कर सकी तो निश्चित रूप से एक बार फिर क्षेत्रवासियों को धोखा ही मिलेगा। इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार तत्काल दुर्गूकोंदल को जिला घोषित करें।

Posted By: Nai Dunia News Network