कांकेर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के ताडोकी थानाक्षेत्र में सोमवार की सुबह हुई मुठभेड़ में तीन बड़े नक्सली मारे गए थे। जिसमें कांकेर जिले के साथ दो अन्य जिलों के नक्सली भी शामिल थे। नक्सलियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके स्वजनों को मुठभेड़ में नक्सलियों के मारे जाने की सूचना दे दी थी। सूचना मिलने के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दो मृत नक्सलियों का शव उनके स्वजनों को सौंप दिया गया। हालाकि मृत महिला नक्सली का शव लेने के लिए उनके स्वजन नहीं पहुंचे थे।

सर्चिंग पर निकले एसएसबी के जवानों पर घात लगाकर हमला करने वाले नक्सलियों पर जवानों की जवाबी में सोमवार सुबह तीन नक्सली ढेर हो गए थे। साथियों के मारे जाने के बाद नक्सली मौके से भाग निकले थे। सर्चिंग के बाद मौके से तीन नक्सलियों के शव व हथियार बरामद हुए थे। देर रात नक्सलियों की शिनाख्त बदरू (25) निवासी कमका गंगालूर बीजापुर, ज्योति उर्फ बीमे पोड़ियामी (22) निवासी तेमेलवेड़ा कोंटा जिला सुकमा व गुड्डू सलाम (26) निवासी मेचानार थाना आमाबेड़ा कांकेर के रूप में हुई थी। मारे गए नक्सलियों की पहचान होने के बाद कांकेर पुलिस द्वारा विभिन्ना जिलों की पुलिस से मृत नक्सलियों के स्वजनों को इसकी सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद मंगलवार को कांकेर जिले के आमाबेड़ा इलाके के मेचानर का रहने वाले गुड्डू सलाम के स्वजन उसका शव लेने कांकेर पहुचे है। गुड्डू के स्वजनों ने बताया कि गुड्डू बहुत कम उम्र में ही नक्सल संगठन से जुड़ गया था। वह महज 15 साल की उम्र में घर छोड़कर चला गया था। गुड्डू नक्सल संगठन से जुड़ने के बाद गांव के अन्य युवकों को भी संगठन से जुड़ने के लिए कहता था। उन्होंने बताया कि पहले गुड्डू अक्सर घर आया करता था। लेकिन पिछले 5 से 6 वर्षों में वह घर आना-जाना कम हो गया था। गुड्डू के चचेरे भाई ने बताया कि वह करीब एक साल पहले आखिरी बार घर आया था। जिसके बाद से उसकी कोई खोज-खबर नहीं थी। इसी प्रकार बीजापुर से मृत नक्सली बदरू के स्वजन भी शव लेने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि सलवा जुडुम के पहले ही वह नक्सली संगठन में शामिल होने चला गया था, जिसके बाद वह कभी घर नहीं लौटा था। एएसपी जीएन बघेल ने बताया कि मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त होने के बाद उनके स्वजनों को सूचना दे दी गई थी। मृत नक्सली गुड्डू व बदरू के स्वजन शव लेने के लिए पहुंचे थे, जिन्हें पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया है। मृत महिला नक्सली ज्योति के स्वजनों को भी सूचना दी गई थी, लेकिन उसके स्वजन अभी शव लेने के लिए नहीं पहुंचे हैं।

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मां की आंख से छलकते रहे आंसू

बीजापुर से मृत नक्सली बदरू का शव लेने के लिए स्वजन कांकेर पहुंचे थे। जिनके साथ बदरू की मां भी शामिल थी। पोस्टमार्टम के दौरान बदरू की मां के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। भले ही बदरू घर छोड़कर नक्सली संगठन में शामिल हो गया था, लेकिन उसकी मां का प्रेम उसके प्रति कम नहीं हुआ था, अपने बेटे को खोने का में मां के आंसू नहीं रूक रहे थे।

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नक्सलियों ने कहा तकनीकी कारणों से हमला हुआ विफल

मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की तस्वीर जारी कर नक्सल नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है और मारे गए नक्सलियों को अपना साथी बताया है। साथ ही नक्सलियों का हमला विफल होने की बात कबूली है।

नक्सलियों के उत्तर बस्तर डिवीजन के प्रवक्ता सुखदेव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। नक्सलियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मारे गए तीनो नक्सलियों को अपना साथी होना बताया है। नक्सलियों ने आरोप लगाया है कि रावघाट पहाड़ो के लौह अयस्क सहित बस्तर में बहुमूल्य खनिज सम्पत्ति को साम्राज्यवादियों के हवाले करने की योजना के साथ रेलवे लाइन का निर्माण किया जा रहा है। रेलवे लाइन निर्माण को सुरक्षा देने निकले एसएसबी के जवानों के ऊपर नक्सलियों ने हमला किया था, जो तकनीकी कारणों से विफल रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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