कांकेर। व्याख्ता पदोन्नाति की मांग को लेकर चरणबद्ध ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में अब पदोन्नाति की मांग पूरी नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन करते हुए व्याख्याताओं ने काली पट्टी लगाकर कार्य किया। मांग पूरी नहीं होने पर दस दिसंबर शिक्षा मंत्री के बंगले के घेराव की रणनीति भी संघ के द्वारा तैयार की जा रही है।

प्राचार्य के पद पर पदोन्नाति की मांग को लेकर व्याख्याता 1 दिसम्बर से अपने कार्य स्थल पर काली पट्टी लगाकर कार्य किया। व्याख्याताओं के अनुसार 9 दिसम्बर तक विरोध स्वरुप काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे। मांग पूर्ण नहीं होने की स्थिति में 10 दिसम्बर को शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव करने की बात भी कही जा रही है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत टांकसाले ने बताया कि प्रदेश में ई-संवर्ग अंतर्गत 2016 से और टी-संवर्ग अंतर्गत 2013 से प्रदेश के व्याख्याताओं को प्राचार्य के पद पर पदोन्नाति नहीं दी गई है। नियमानुसार प्रत्येक वर्ष पदोन्नाति आदेश जारी किया जाना था। संचालनालय व सचिवालय के अधिकारी पदोन्नाति आदेश जारी नहीं कर रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे संचालित हो रही है। वरिष्ठ व्याख्यात सेवानिवृत्ति के कगार पर है लेकिन शासन के उदासीन रवैये के कारण वरिष्ठ व्याख्याताओं में नाराजगी है। पदोन्नाति से शासन पर कोई आर्थिक भार नही पड़ रहा है लेकिन फिर भी शासन की उदासीनता समझ से परे है, इसे लेकर भारी रोष व्याप्त है। पदोन्नाति की मांग को लेकर संघ के द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। इस क्रम में अब काली पट्टी लगाकर कार्य किया जा रहा है मांग पूरी नहीं होने पर प्रदर्शन जारी रहेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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