अंतागढ़। धान खींचने वाले तथाकथित अद्भुत सिक्का जिसे पाने वाला करोड़पति बन जाता है, इस बात के झांसे में फंसकर दो लोगों ने 42 हजार रुपए गंवा दिए। इतना ही नहीं, उनकी बुरी तरह पिटाई भी की गई। इस मामले में पुलिस ने झांसा देने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो उन्हें झांसा देकर तीसरे के घर ले गए और चौथे और पांचवें ने उन्हें नकाब पहनकर नक्सली होने का डर दिखाया और पिटाई करने के बाद 42 हजार रुपए व मोबाइल लूटकर भगा दिया। इस घटना में पिटाई करने वाले दोनों आरोपी पीड़ितों के ही दोस्त थे। पुलिस ने पांचों आरोपियों को रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक प्रार्थी अंतागढ़ के शहीद चौक मोगरा निवासी और सोसाइटी के भृत्य जगदीश निर्मलकर (62 वर्ष) ने रिपोर्ट में दर्ज कराई कि मोहल्ले के निवासी सुधीर महार और राजू यादव ने कुछ दिन पूर्व एक जादुई पुराना सिक्के के बारे में बताया वह चावल खींचता है। वे उसे अंतागढ़ के आगे किसी को बेचने वाले हैं। उसकी कीमत 40 हजार रुपए है। उस जादुई सिक्के को पाने की लालच में जगदीश ने 20 हजार रुपए की व्यवस्था की। वहीं इसके लिए उसने अपने साथी ओमनलाल साहू को तैयार किया, जिसने भी 22 हजार रुपए की व्यवस्था की। 21 दिसंबर को सिक्का खरीदने सुधीर महार एवं राजू यादव के साथ दोनों अलग-अलग मोटरसाइकिल से ग्राम गोड़बीनापाल गये। सुधीर उन्हें अपने एक अन्य साथी दिगपाल के घर जंगल किनारे ले गया। दिगपाल ने चारों को घर पर बैठाया और सिक्का वाले व्यक्ति को बुलाकर लाने की बात कह वहां से चला गया। कुछ समय बाद वहां पर दो नकाबपोश व्यक्ति आए जिनके हाथ में डंडा था। उन्होंने कहा कि हम जंगल वाले दादा हैं। पास ही हमारा मीटिंग चल रही है। तुम लोग पुलिस के मुखबीर हो। हमारी सूचना लेने आये हो, यह कहकर जगदीश व ओमनलाल की पिटाई शुरू कर दी। उन दोनों लोगों ने कहा कि हमारे आदमी चारों ओर से घेरे हुए हैं। तुम लोग जो भी सामान रखे हो, उसे निकालो नहीं तो पिस्तौल से गोली मार देंगे। इसके बाद उन्होंने जगदीश व ओमनलाल की पैंट-शर्ट उतरवा लिए। जगदीश के 20 हजार एवं ओमन के 22 हजार रुपए लूट लिए। दोनों का मोबाइल भी अपने पास रख लिए और वहां से मारपीट कर भगा दिया।

ऐसा हुआ पर्दाफाश

प्रार्थी जगदीश निर्मलकर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने के पश्चात पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुये गोड़बीनापाल के संदेही दिगपाल समरथ को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। उससे पता चला कि प्रार्थी जगदीश निर्मलकर एवं ओमन साहू को उसके साथ आये व्यक्ति सुधीर महार व राजू यादव ने झूठ बोलकर सिक्का खरीदवाने के नाम से गोड़बीनापाल लाये थे। उनके साथ दल्लीराजहरा के बबलू साहू एवं रफीक कुरैशी पहले से आकर पास में छिप गये थे, जो मुंह में कपड़ा बांधे गांव के दुर्योधन के साथ अपने आप को नक्सली बताकर घर में आये और डंडे से मारपीट कर जगदीश निर्मलकर व ओमन साहू से रुपए व मोबाइल लूटकर लगा दिए। उन्होंने दिगपाल और दुर्योधन को लूट का 5 हजार रुपए दिये हैं।

जेल भेजे गए

दिगपाल समरथ द्वारा सारी बातों की खुलासा करने के पश्चात थाना अंतागढ़ पुलिस द्वारा घटना में शामिल अन्य आरोपी गोड़बीनापाल निवासी दुर्योधन समरथ (25 वर्ष), दल्लीराजहरा निवासी सुधीर महार (45 वर्ष), राजू उर्फ नंदलाल यादव (36 वर्ष), रफीक कुरैशी (38 वर्ष) मोंगरा दफई को गिरफ्तार कर लूट की रकम एवं मोटरसाइकिल बरामद किया है। 25 दिसंबर को सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। प्रकरण के एक आरोपी दल्लीराजहरा निवासी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

साथियों ने ही लूटा

फरियादी जगदीश निर्मलकर और ओमन साहू को उन्हीं के साथ आये दल्लीराजहरा के बबलू और रफीक ने धोखा दिया, जो कि पहले से आकर गोड़बिनापाल में छुप गये थे। पुलिस द्वारा इस बात का खुलासा करने पर जगदीश और ओमन भौचक्के रह गये। जिन्हें वे मददगार समझते थे, उन्होंने पीटा भी और लूटा भी।

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