कांकेर-पखांजूर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मेंढकी नदी में मछली पकड़ने गए छह मछुआरों को 48 घंटे बाद सकुशल उफनती नदी के टापू से बाहर निकाल लिया गया है। यह ग्रामीण दो दिनों से जीवन और मृत्यु के बीच लहरों में फंसे संघर्ष कर रहे थे। जगदलपुर से बुधवार को पहुंची रेस्क्यू टीम ने इन्हें मोटर बोट की सहायता से बाहर निकाला।

उफनती नदी के बीच ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए मछुआरों ने दो रातें पेड़ पर चढ़ कर गुजारीं। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के चंदनपुर ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पीव्ही 71 निवासी छह ग्रामीण व पीव्ही 72 का एक ग्रामीण सोमवार को मछली पकड़ने के लिए मेंढकी नदी में गए हुए थे।

लगातार बारिश होने के कारण अचानक नदी में जलस्तर बढ़ गया और देखते ही देखते नदी उफान पर आ गई। जिससे ग्रामीण मेढकी नदी के बीच बाघबडा नामक टापू पर नदी के बीच फस गए। मछुआरों के पास नाव के नाम पर एक मात्र छोटा सा डोंगा था, लेकिन रात के समय उफनती नदी पार करने की हिम्मत ग्रामीणों की नहीं हुई और टापू के डूबने की स्थिति में ग्रामीण टापू में मौजूद अर्जुन के वृक्ष पर चढ़ गए और सातों ग्रामीणों ने रात पेड़ पर ही गुजारी।

दूसरे दिन भी सुबह तक नदी का पानी कम नहीं हुआ होने पर टापू में फंसे मछुआरों में सुधांशु गोलदार ने साहस दिखाते हुए पेड़ से उतरकर नाव को लेकर नदी पार की और उफनती नदी से जैसे तैसे पार पहुंचकर परतापुर थाने पहुंचा। उसने पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद घटना स्थल के लिए बचाव दल को रवाना किया गया।

स्थानीय संवाद सहयोगी नीतीश मल्लिक ने बताया कि सूचना मिलने के बाद रात में ही पखांजुर तहसीलदार अपने टीम के साथ परतापुर थाना पहुचे। जिसके बाद मछुआरों तक पहुंचने का नक्सा तैयार किया गया। पखांजुर तहसीलदार रेस्क्यू टीम के साथ 4 बजे घटना स्थल के लिए रवाना हो हुए।

रात में लगभग 10 किलोमीटर पैदल चल ग्रामीण, रेस्क्यू टीम व पखांजुर तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। लेकिन पानी का बहाव तेज होने और अंधेरा होने के कारण रात में स्थानीय रेस्क्यू टीम ग्रामीणों को बाहर नहीं निकाल सकी थी। दूसरे दिन मंगलवार शाम कलेक्टर केएल चौहान के निर्देश पर कांकेर से बचाव दल को मोटर बोट के साथ परतापुर के लिए रवाना किया गया।

बुधवार को सुबह बचाव दल ने रेस्क्यू का प्रयास किया, लेकिन टीम के पास छोटी मोटर वोट होने और नदी का प्रवाह तेज होने के कारण लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके बाद जगदलपुर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। बुधवार को दोपहर जगदलपुर से टीम बड़ी मोटर बोट के साथ परतापुर पहुंची। जिसके बाद ट्रेक्टर के सहारे मोटर बोट को नदी तक पहुंचा गया।

टीम के मौके पर पहुंचने के बाद भी बुधवार शाम तक ग्रामीणों को बीच टापू से बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। शाम करीब 7 बजे सभी छह ग्रामीण को सकुशल वहां से निकाल लिया गया।

Sukma Encounter : भाई पुलिस में और बहन नक्सली, मुठभेड़ में जब आमने-सामने आ गए

जमीन विवाद पर छोटे भाई की तलवार मारकर हत्या

Surguja : परसा कोल ब्लॉक के लिए अडानी को मिली पर्यावरण स्वीकृति

किशोर का अपहरण कर महिला बनाती रही संबंध, यह हुआ अंजाम

रिश्‍ते शर्मसार : जमीन के लिए पिता के किए टुकड़े, एक बेटा गिरफ्तार, दूसरा फरार