0- 24 घंटे पहले प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का थमाया था नोटिस, पीड़ित का आरोप- राजनीतिक दुर्भावना से की गई कार्रवाई

0- 2011 में 50 से अधिक फर्जी पट्टे को तत्कालिक कलेक्टर ने कर दिया था निरस्त

छोटेकापसी। नईदुनिया न्यूज

नगर पंचायत पखांजूर के पूर्व नगर अध्यक्ष व वरिष्ठ भाजपा नेता असीम राय के घर पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर बुलडोजर चला दिया। प्रशासन द्वारा एक दिन पूर्व ही पूर्व अध्यक्ष को इस अतिक्रमण के संबध में नोटिस दिया गया था और एक दिन में ही सुनवाई पूरी कर रात 10 बजे उन्हें अतिक्रमण हटाने का नोटिस दे दिया गया और आज 2 बजे 24 घंटे पूरे होते ही प्रशासन ने अतिक्रमण भी हटा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को पूर्व अध्यक्ष ने राजनीतिक दुर्भावना की कार्रवाई बताते हुए कहा कि शासकीय रिक्त भूमि के पट्टे देने का विरोध किया था। इसके चलते उन्हें प्रशासन द्वारा टारगेट किया जा रहा है।

एक और प्रशासन अतिक्रमित भूमि का पट्टा दे रहा है वहीं दूसरी ओर अतिक्रमण अभियान भी चला रहा है। आज प्रशासन ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष व भाजपा के नेता असीम राय के एक घर में अतिक्रमण अभियान चला पूरा घर ही तोड़ दिया। पूर्व अध्यक्ष ने इस घर को कुछ वर्ष पूर्व खरीदा था पर इस जमीन का पट्टा नहीं था। वर्ष 2011 में पखांजूर के तात्कालिक तहसीलदार ने नियम कायदों को दर किनार कर इस जमीन का पट्टा दे दिया था पर वर्ष 2014 में पखांजूर तहसीलदार द्वारा इन फर्जी पट्टों की शिकायत के बाद कांकेर कलेक्टर ने वर्ष 2011 में जारी समस्त पट्टे निरस्त कर दिए थे और इन भूमि का अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इसी आदेश के परिपालन में आज प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

इस आदेश के परिपालन में पखांजूर तहसीलदार ने दिनांक 14 जुलाई को असीम राय को नोटिस जारी किया और दिनांक 15 जुलाई को सुनवाई का मौका दिया और एक दिन में ही पूरी सुनवाई कर अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी कर दिया। रात 10 बजे तहसील का एक कर्मचारी असीम राय को नोटिस देने उनके ग्राम पीव्ही 28 पहुंच गया। रात को असीम राय ने नोटिस लेने से मना कर दिया, जिसके बाद आज सुबह उनके उसी घर में जिसे प्रशासन ने तोड़ दिया उसके दरवाजे में नोटिस चस्पा कर दिया। दोपहर 2 बजे के बाद प्रशासन के अधिकारी दल बल के साथ पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर दी।

प्रशासन ने इस अतिक्रमण हटाने के लिए रात से ही तैयारी शुरू कर दी थी और दिनांक 15 जुलाई की शाम ही जेसीबी और पोकलैंड को पकड़ कर रेस्ट हाउस में खड़ा करा दिया गया था और उनके ड्रायवरों को भी रेस्ट हाउस में रख लिया था ताकि 2 बजे के बाद प्रशासन कार्रवाई कर सके। प्रशासन द्वारा इस तेजी से कार्रवाई क्षेत्र में जमकर चर्चा का विषय रही।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद फर्जी पट्टे का मामला फिर चर्चा में आ गया है। वर्ष 2011 में तात्कालिक तहसीलदार पखांजूर ने नगरीय क्षेत्र में 50 से अधिक और पूरे तहसील क्षेत्र में तीन सौ से अधिक रिटायमेंट के ठीक पहले फर्जी पट्टा जारी कर दिया था। वर्ष 2014 में पखांजूर तहसीलदार की ही शिकायत पर कांकेर कलेक्टर ने इन सभी पट्टो को खारिज कर दिया और सभी भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। पर इस मामले में उक्त तहसीलदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसने रिटायमेंट के पहले पहले इतनी संख्या में फर्जी पट्टे बांट दिए। वर्तमान में पखांजूर में ही 50 से अधिक वही फर्जी पटटेधारी है जिन पर कार्रवाई लंबित है।

अब देखना है कि पखांजूर में उन पर प्रशासन इस तेजी के कब कार्रवाई करता है। प्रशासन की इस कार्रवाई ने एक तीर से दो शिकार कर दिए पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष असीम राय का घर तोड़ राजनैतिक विरोधियों को भी संदेश दे दिया गया। साथ ही कुछ दिन पूर्व भू स्वामी योजना के तहत पटटा देने के विरोध में नगर बंद था उनको भी संदेश दे दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन का पटटा दे राशि वसूली का लक्ष्‌य आसानी से पूरा होने की संभावना बढ़ गई है।

वर्तमान योजना के तहत पट्टा लेना चाहते थेः असीम

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष असीम राय ने इस कार्रवाई को राजनैतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह से सत्ता के दबाव में है और उन्हीं के इशारे में इस तेजी से कार्रवाई हो रही है। न उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया और न ही इस आदेश के खिलाफ अपील करने का और प्रशासन ने उनका घर तोड़ दिया। वे इस जगह का वर्तमान योजना के तहत पट्टा लेना चाहते थे और उन्होंने अपने जवाब में इसके लिए आवेदन भी किया पर अधिकारियों ने उनकी इस अपील को खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पूर्व उन्होंने भू स्वामी योजना के तहत निःशुल्क पट्टा देने की मांग की थी और इस योजना के तहत पखांजूर में शासकीय भूमि के पट्टे बांटने का विरोध करते हुए आपत्ति की थी जिसके चलते प्रशासन के अधिकारी उन्हें टारगेट कर रहे है।

कार्रवाई छह वर्ष से लंबित थी- शेखर

इस सबंध में पखांजूर तहसीलदार शेखर मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई एक दिन में नहीं हुई है यह विगत 6 वर्ष से कार्रवाई लंबित थी। उन्हें सुनवाई के दौरान पूरा अवसर दिया गया तथा अतिक्रमण हटाने के लिए 24 घंटे का समय भी दिया गया, जिसके बाद प्रशासन ने यह अतिक्रमण हटाया है। वर्तमान में इस घर में कोई निवासरत नहीं था ऐसे और न ही काई व्यवसाय चल रहा था ऐसे में भूस्वामी योजना के लिए पात्र नहीं थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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