चारामा। शासकीय शहीद गेंदसिंह महाविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा 25 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस मनाया गया। प्रति वर्ष 24 अक्टूबर को पूरे विश्व में संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस मनाया जाता है। 24 अक्टूबर 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई थी। संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, सुरक्षा, मानवाधिकार की स्थापना के लिए की गई है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजनीति शास्त्र विभाग के प्रो. एमएल नेताम और प्रोफेसर अनूप यादव थे। प्रोफेसर नेताम ने संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना, स्थायी सदस्यों एवं उनकी भूमिका के बारे में बताया। इसके पश्चात प्रो. अनूप यादव ने संयुक्त राष्ट्र संघों के विभिन्ना अंगों, सदस्य देशो, संयुक्त राष्ट्र के कार्यों एवं वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासांगिकता के बारे में विस्तार से बताया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. केके मरकाम ने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ में 1950 तक स्थायी सदस्यता मिल जाना चाहिए था, क्योंकि भारत संस्थापक सदस्य है, आंतकवाद विरोधी है, सबसे बड़ा लोकतंत्र है व डब्ल्यूएचओ में विशेष योगदान है । डा. मरकाम के अनुसार भारत को स्थायी सदस्यता इसलिए नहीं मिल पाई है, क्योंकि भारत ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि एवं व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है, संघ के न्यास में एक प्रतिशत से भी कम का अंशदान है, कश्मीर समस्या अभी भी अनसुलझा है और चीन का भारत के प्रति विरोध है। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रोफेसर रवीन्द्र सिंह चंद्रवंशी ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रोफेसर कुलेश्वर प्रसाद,कमल नारायण ठाकुर, धर्मेंद्र सिन्हा, सुधीर साहू, जितेंद्र ठाकुर, हितेंद्र बोरकर, नरेश साहू, सोमनाथ साहू, मधु कावड़े और राजनीति विज्ञान विषय के विद्यार्थियों के अतिरिक्त अन्य विषयों के विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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