0- आयोजन : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर इंदरु गर्ल्स कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम

0- 40 सेकंड में बदल सकती है आपकी जिंदगी : प्रो. अजय

कांकेर। नईदुनिया न्यूज

राष्ट्रीय सेवा योजना और होम साइंस डिपार्टमेंट शासकीय इन्दरु कन्या महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की गई मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य एवं हर तबके के लोगों को इस बीमारी के बारे में भी पता चले और वो उस लिहाज से उसके बचाव के लिए पहले से तैयार रहने को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया।

संस्था प्राचार्य के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो.अजय कुमार विभागाध्यक्ष गृह विज्ञान ने कहा कि हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत आत्महत्या से होती है। आत्महत्या करने वाले लोगों में 90 फीसदी मनोरोगी होते हैं। विश्व में चार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति जीवन के किसी न किसी मोड़ पर मानसिक विकार से प्रभावित होता है। इससे वैसे लोग ग्रसित होते हैं, जो लंबे समय से खुद को हेल्पलेस, वर्कलेस और होपलेस महसूस करते हैं।

खुदकुशी की बड़ी वजह जीवनशैली में बदलाव

प्रो. अजय कुमार ने कहा कि हर साल दुनिया में आठ लाख लोग खुदकुशी करते हैं। सबसे अधिक आत्महत्या 25 से 29 साल के बीच के लोग कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 21वीं सदी में जीवनशैली में आ रहे बदलाव बड़ा कारण हैं।

सोशल मीडिया पर दो घंटे से ज्यादा बिताना मनोरोग का संकेत

सोशल मीडिया पर छाए रहने की सनक युवाओं को मनोरोगी बना रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सएप ही नहीं टिकटॉक, लाइक जैसे वीडियो एप भी युवाओं के दिलोदिगाम पर हावी हो चुके हैं। एम्स के विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दो घंटे से ज्यादा बिताना मनोरोग का संकेत है।

प्रो. मनोज कुमार, डॉ. वंदना विश्वकर्मा, प्रो. प्रीति पटेल, प्रो जीएस बघेल, प्रो. दीप्ति सोनी, प्रो. गायत्री मेश्राम, मनीषा नाग ने जागरूकता के बारे में बताया गया। ग्रुप लीडर छात्रा अंजू नेताम के नेतृत्व में इस विषय पर छात्राओं ने भी अपने विचार रखे एवं क्वीज, प्रश्नोत्तरी, आंकड़ों एवं सोशल मीडिया के प्रभाव पर खुली चर्चा करते हुए एनएसएस कैम्प के माध्यम से इस विषय पर जागरूकता लाने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन एमए इंग्लिश के छात्रा यामिनी व ऋतु ने किया।