कवर्धा(नईदुनिया न्यूज)। कोविड-19 के चलते वर्तमान में स्कूल बंद है, जिसमें बच्चे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। लेकिन शासन स्तर पर विभिन्न माध्यमों से पढ़ाई जारी है। बच्चों की पढाई जारी करने के लिए कई योजनाएं लागू है, जैसे पढई तुंहर दुवार, मुहल्ला क्लास, वर्चुअल क्लास इत्यादि। आमाराइट एक ग्रीष्मकालीन प्रोजेक्ट है, जिसे स्कूली बच्चों के लिये तैयार किया गया है। जिसे शाला प्रबंधन व विकास समिति के सदस्य बच्चों को प्रेरित करेंगे। बच्चे प्रोजेक्ट फाइल तैयार कर शाला खुलने पर स्कूल में जमा करेंगे। इसका अर्थ एम आइ राइट है, जो छत्तीसगढ का खेल अपभ्रंश है।

इस प्रोजेक्ट का अर्थ भी बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से सिखाना है। इसमें बच्चों को घर में ही रहकर सक्रिय रखने के लिए परियोजना तैयार किया गया है। इसी के आधार पर बच्चे प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। शास.प्रा. शाला के शिक्षक महेश सिंह ठाकुर कहते हैं कि आमाराइट परियोजना यह पूर्णतया नवाचार है, जिसमें आसपास के परिवेश से खेल-खेल में मरोरंजन तरीके से बच्चों को सक्रिय रख सीखने का अवसर मिलेगा। इसमें माता-पिता, अभिभावक सभी सहभागी है। कौशल विकास आधारित यह कार्यक्रम जीवन से जुड़ा है। इसमें कुछ प्रश्न तैयार किए गए हैं। इन प्रश्नों का उत्तर बच्चे अपने भाई-बहन, पड़ोसियों, रिश्तेदारों और शिक्षकों के मार्गदर्शन में तैयार करेंगे। इस प्रोजेक्ट को विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें बच्चे अपने परिवेश, वातावरण, रहन-सहन व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अवगत होंगे और स्वयं इसमें जुड़ पाएंगे। प्राथमिक शाला सोंढा के छात्र, छात्राएं शिक्षक महेश सिंह ठाकुर, मंजूषा चंद्रवंशी, नंदकुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन पर प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags