कवर्धा(नईदुनिया न्यूज)। मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर की अनुशंसा पर क्रेडा ने कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 64 गांव में सोलर हाइ मास्ट लाइट संयंत्र तथा 29 गांव में सोलर पंप की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की है।

निज सहायक कीर्तन शुक्ला से मिली जानकारी के अनुसार कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के राजानवागांव बिरकोना, बिडोरा, चिल्फी, रेंगाखारकला, बैजलपुर, पिपरिया, भागूटोला, महाराजपुर, रवेली, सहसपुर लोहारा, सिलहाटी, सूखाताल, छांटा झा, नवघटा, मानिकचैरी, सोनबरसा, बारदी, बंजारी, भलपहली, घोंघा, बो-रखार, खारा, झलमला, उसरवाही, समनापुर, बड़ौदाकला, बासीनझोरी, भिमभोरी, मंडलाटोला, रघुपारा, नेउरगांवकला, भरेली, चरडोंगरी, मजगांव, सिंघनपुरी, खरहट्टा, बटुराकछार, जोराताल, लखनपुर, आंछी, कान्हाभैंरा, दलदली, लालपुरकला, मिनमिनिया मैदान, रोचन, खैरझिटी, कोयलारी, बानो, धनगांव, रक्से, बचेड़ी, नरोधी, सिंघनपुरी, मरका, खड़ौदाखुर्द, रेंगाखारखुर्द, प्रभाटोला, भालूचूआ, सेमो, तरेगांव, नेवारी, कुसुमघटा, जैसे हाट-बाजार वाले बड़े गांव हाई मास्ट सोलर लाइट से रोशन होंगे तथा राम्हेपुरखुर्द, सूखाताल, रवेली, नेवारीगुड़ा, झिरना, मानिकचैरी,नेवारी, सिंघनपुरी, कोड़ार, सैगोना,तालपुर,समनापुर, धमकी, महराटोला, छांटा झा, छूही, गुडली, बाटीपथरा, मुड़घुसरी, कुंडपानी, बुधवारा, छपरी, तीतरी, मिनमिनिया जंगल, कटंगीकला, सारी, सिलहाटी, रक्से में सोलर ड्यूल पंप की स्थापना हो जाने से शुद्घ पेयजल की आपूर्ति होगी। इसके अतिरिक्त कवर्धा शहर में पांच सोलर हाई मास्ट लाइट सहित 12 अन्य ग्रामों में सोलर हाई मास्ट लाइट संयंत्र तथा 7 सोलर ड्यूल पंप स्थापित करने का कार्य भी अति शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा।

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रोका-छेका अभियान के बाद भी दुर्घटना में मवेशियों की मौत

बोड़ला(नईदुनिया न्यूज)। नगर से होकर गुजरने वाले नेशनल हाइवे 12 में इन दिनों आवारा मवेशियों का जमवाड़ा लगा रहता है। जिससे आये दिन दुर्घटनाएं घट रही है। मवेशियों की बड़ी संख्या को सड़क में बैठे देखकर लगता है कि नेशनल हाइवे चारागाह या गोशाला बन गया है। चिल्फीघाटी से लेकर पोंडी कवर्धा तक मवेशी सड़क पर बैठे रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

मवेशियों के जमावड़े के कारण चिल्फीघाटी से लेकर बोड़ला के बीच मवेशियों की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हो रही है। अब तक दर्जन से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। एक ओर शासन प्रशासन द्वारा गोधन न्याय योजना व रोका-छेका योजना को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आवारा मवेशियों की दर्दनाक मौत लगातार हो रही है। इस पर किसी का ध्यान नहीं पड़ना समझ से परे है।

गौरतलब है कि बारिश के बाद मैदानी क्षेत्र के किसानों द्वारा बड़ी संख्या में जानवरों को जंगलों में खुला छोड़ दिया जाता है। बोड़ला सहित आसपास के दर्जनों गांव, जिनमें अमलीडीही, बांधाटोला, चोरभट्टी, पालक ,बंजारी के अलावा चिल्फी घाट, नाग मोड़ी घाट में बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों को छोड़ दिया गया है। फलस्वरूप मवेशियों की जान भी जा रही है साथ ही घाट क्षेत्र में दुर्घटनाएं बढ़ गई है। बोड़ला नगर में भी तहसील कार्यालय ,बाजार ,जनपद ,दलदली तिराहा, स्कूल,बीचपारा, बांधाटोला तक सड़क के बीचोबीच मवेशियों के होने से दुर्घटना घट रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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